धर्म-अध्यात्म

गृह गृह गायत्री यज्ञ से नशाबंदी और कुरीति उन्मूलन का दिया बड़ा संदेश

श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा एवं निष्ठा से गायत्री मंत्र की दी आहुतियां

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वैश्विक स्तर पर एक साथ एक समय में बुद्ध पूर्णिमा पर सुबह 9 से 12 के मध्य हुए लाखों घरों में गायत्री महायज्ञ

देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में वैश्विक स्तर पर विश्व के लाखों श्रद्धालु परिजनों ने बड़ी श्रद्धा और उमंग के साथ अपने-अपने घरों में गायत्री महायज्ञ किया। गृह गृह गायत्री महायज्ञ का उद्देश्य राष्ट्र को स्वस्थ, समर्थ, नशा मुक्त और संस्कारवान बनाना है।

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गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि प्रतिवर्ष अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुंज हरिद्वार बुद्ध पूर्णिमा को बड़ी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ देशभर में पुनीत गृह गृह गायत्री महायज्ञ अभियान को संपन्न करता आ रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी बुद्ध पूर्णिमा पर देवास जिले की सभी तहसीलों में पूर्ण उल्लास के साथ इस अभियान को संपन्न किया गया, जिसमें देवास तहसील में 1300, हाटपीपल्या में 505, कन्नौद में 155, बागली में 150, सोनकच्छ में 50, खातेगांव में 586, सतवास में 210, टोंकखुर्द में 10, उदयनगर में 20 इस प्रकार कुल 2936 घरों में महायज्ञ संपन्न हुए।

जिला कारागार देवास में भी बन्दी भाईयों ने बड़ी उमंग और जोश के साथ आहुतियां प्रदान की। युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने यज्ञ के दौरान बन्दी भाईयों से अपने जीवन की बुराइयों की तिलांजलि देने की अपील की जिससे कई बन्दी भाई प्रेरित हुए और उन्होंने बुराइयां छोड़ कर अच्छाई ग्रहण करने का संकल्प लिया। उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी सजग किया तथा जीवन में कम से कम 3 पौधे लगाने हेतु संकल्पित किया। जिला जेल अधीक्षक विद्याभूषण प्रसाद ने गायत्री परिवार के इस आयोजन की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि गायत्री परिवार के सारे अभियान अद्भुत एवं दैवीय योजना के है इसलिए निश्चित सफल होते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गायत्री प्रज्ञापीठ देवास की संरक्षिका दुर्गा दीदी एवं जिला समन्वयक बाबूलाल खंडेलवाल ने कहा कि अभियान का एक ही उद्देश्य है कि घर-घर में गायत्री और यज्ञ पहुंचे जिससे घर का वातावरण शुद्ध, पवित्र और संस्कारवान बन सके। घर में यज्ञ का प्रभाव महत्वपूर्ण होता है। यज्ञ के माध्यम से यजमान अपनी बुराइयां छोड़ता है और अच्छाई ग्रहण करता है जिससे परिवार देव परिवार बनता है एवं इससे गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी का सपना “मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण” का लक्ष्य पूर्ण होता है।

वैश्विक स्तर पर लाखों घरों में होंगे गृह-गृह गायत्री यज्ञ

तहसील प्रभारी गिरीश गुरु, डॉ. राजेंद्र व्यास, रामकरण यादव, पुष्करलाल गुप्ता, आशीष गुप्ता, सुरेश भारद्वाज, हरिराम जिराती, रविन्द्र नायक, रमेशचन्द्र मेहता, देवीशंकर तिवारी सहित अनेकों परिजनों का सराहनीय सहयोग रहा। गायत्री शक्तिपीठ देवास के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी महेश पंड्या एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजेंद्र पोरवाल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी परिजनों का आभार व्यक्त किया।

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