खेत-खलियान

ई-टोकन से होगा शत-प्रतिशत खाद का वितरण

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हर सीजन में ई-टोकन के आधार पर मिलेगा किसानों को पर्याप्त खाद

देवास। प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ई-विकास प्रणाली अर्थात ई-टोकन से खाद (रासायनिक उर्वरक) वितरण की व्यवस्था प्रारंभ की गई। जिले में इसी व्यवस्था के तहत खाद वितरित किया जा रहा है।

कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है वे ई-विकास पोर्टल पर अपना पंजीयन अवश्य करा लें। ऑनलाइन पोर्टल पर किसान की जमीन, बोई गई फसल व खाद की आवश्यकता का सम्पूर्ण ब्यौरा दर्ज रहता है। किसानों को आश्वस्त किया गया है कि शासन द्वारा खरीफ मौसम में भी खाद की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।

कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि, सहकारिता व विपणन संघ के अधिकारियों सहित जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि जिले के कृषकों को नई व्यवस्था की जानकारी दें। साथ ही उन्हें ई-टोकन प्रणाली से खाद लेने के लिये प्रोत्साहित करें।

आसान है “ई-विकास पोर्टल” पर पंजीयन कराना-
ई-विकास पोर्टल पर पंजीयन कराना अत्यंत आसान है। इस पोर्टल पर कृषक जैसे ही अपना आधार नम्बर दर्ज कराते हैं, वैसे ही लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होता है। ओटीपी सत्यापित होते ही किसान का ऑनलाइन पंजीयन पूर्ण हो जाता है। पंजीयन के बाद किसान भाई ई-टोकन प्राप्त कर उर्वरक ले सकते हैं। पोर्टल पर किसान की भूमि संबंधी जानकारी एग्री स्टेक सिस्टम से प्राप्त हो जाती है। पोर्टल पर किसान के नाम दर्ज खसरा नम्बर व भूमि का विवरण भी उपलब्ध रहता है।

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास गोपेश पाठक ने बताया कि ई-टोकन में किसान का नाम, पंजीयन क्रमांक, उर्वरक का प्रकार व मात्रा, वितरण केन्द्र एवं निर्धारित तिथि व समय अंकित रहता है। यह टोकन एसएमएस, मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। ई-टोकन के आधार पर जिले के किसान निर्धारित समय पर किसी भी वितरण केन्द्र से उर्वरक प्राप्त कर रहे हैं।

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