500 वर्ष पुराने समाधि स्थल पर सजेगा आस्था का मेला

– बड़ी चुरलाई में 14 मार्च से गुरु गंगदास महाराज के पांच दिवसीय मेले का आयोजन
देवास। जिले के ग्राम बड़ी चुरलाई में स्थित लगभग 500 वर्ष पुराने गुरु गंगदास महाराज के समाधि स्थल पर 14 मार्च से पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस धार्मिक मेले में क्षेत्र सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर निशान चढ़ाएंगे, मन्नतें मांगेंगे और पूरी होने पर तुलादान करेंगे। मेले को लेकर गांव में तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण है।
ग्राम बड़ी चुरलाई में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु गंगदास महाराज के समाधि स्थल पर मेले का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से शुरू होने वाले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ढोल-धमाकों के साथ निशान चढ़ाने के लिए पहुंचेंगे। समाधि स्थल पर लोगों की गहरी आस्था है और आसपास के गांवों सहित दूर-दूर से भक्त यहां दर्शन करने आते हैं।
मेले की शुरुआत शनिवार सुबह पूजा-अर्चना के साथ होगी। इसके बाद दोपहर से श्रद्धालुओं द्वारा निशान चढ़ाने का सिलसिला शुरू होगा, जो पूरे मेले के दौरान चलता रहेगा। भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर यहां तुलादान की परंपरा भी निभाते हैं, जिसे मेले का विशेष आकर्षण माना जाता है।
मेले के दौरान समाधि स्थल परिसर में खान-पान की कई दुकानें लगेंगी। इसके साथ ही बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, खिलौनों और अन्य आकर्षक स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री से सम्मानित कृषक धर्मेंद्रसिंह राजपूत ने बताया, कि ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर भी बनता है। चार दिवसीय प्रवचन का भी आयोजन किया गया है। 15 मार्च से कथावाचक वैष्णवी वैष्णव के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक सत्संग होगा, जो 18 मार्च तक चलेगा। सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिए जाएंगे।
समाधि स्थल पर दिनेश महाराज और छोटू महाराज द्वारा प्रतिदिन विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। वहीं सरपंच प्रतिनिधि कुंदनसिंह बैस ने क्षेत्र के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मेले और धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं।




