स्वास्थ्य

पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन पर इंदौर डायग्नोस्टिक सेंटर देवास और क्षिप्रा के संचालक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज

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देवास। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरोजनी जेम्स बेक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मंगलवार को देवास में संचालित इन्दौर डायग्नोस्टिक सोनोग्राॅफी सेन्टर में औचक निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान पाया की शासन के दिशा -निर्देशों और प्रोटोकाॅल पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 उल्लंघन कर सोनोग्राफी करने हेतु अयोग्य व्यक्ति जो स्वंय को एक्स-रे टैक्नीशयन बता रहा था के द्वारा महिला की सोनोग्राफी की जा रही थी। जिसे मौके पर टीम ने पकडा, टीम को गम्भीर अनियमितता मिली। टीम द्वारा रिकार्ड जब्ती की तत्काल कार्यवाही करते हुए सोनोग्राॅफी सेन्टर को बंद किया गया। तत्पश्चात इन्दौर डायग्नोस्टिक सोनोग्राॅफी सेन्टर क्षिप्रा में टीम ने कार्यवाही की थी।

डॉ. पंकज गुप्ता, एमबीबीएस रेडियोलॉजिस्ट व संचालक द्वारा दोनो सानोग्राफी सेंटर को गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनिक (लिंग चयन प्रतिशेध) अधिनियमम 1994 के अंतर्गत प्रथम इन्दौर डायग्नोस्टिक सोनोग्राॅफी सेन्टर 168, भगत सिंह मार्ग, नगर निगम चैराहा देवास म.प्र. क पंजीयन 20-10-2027 तक तथा दूसरा इन्दौर डायग्नोस्टिक सोनोग्राॅफी सेन्टर भदौरिया कॉप्लेक्स, पुराना एबी रोड, यूनियन बैंक के पास क्षिप्रा जिला देवास म.प्र. का 8-10-2029 तक का पंजीयन कराया गया था। तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। भविष्य में निरीक्षण के समय बंद सोनोग्रॉफी सेन्टर खुला पाये जाने एवं सोनोग्रॉफी करते हुये पाये जाने पर इनके विरूद्ध पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत् वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

संयुक्त कलेक्टर देवास एवं ओ.आई.सी. अंशु जावला के निर्देशन एवं सीएमएचओ डाॅ. बेक ने आदेशानुसार जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संतोष कोतकर ने कोतवाली थाना देवास पहुंचकर इन्दौर डायग्नोस्टिक सोनोग्राॅफी सेन्टर संचालक, डाॅ पंकज गुप्ता, एमबी.बी.एस. रेडियोलॉजिस्ट निवासी इन्दौर एवं निरीक्षण के दौरान असक्षम व्यक्ति द्वारा सोनोग्राॅफी करने वाले गडडु कुमार, निवासी बिहार के विरूद्व पीसीपीएनडीटी एक्ट-1994 के तहत एफआईआर दर्ज करायी गयी।

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