आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, देवास में मनाया तुलसी पूजन दिवस

कैलादेवी मंदिर में तुलसी पूजन से महकी गुरु वाटिका, 251 पौधों का हुआ वितरण
देवास। सनातन परंपरा, प्रकृति संरक्षण और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब देवास में तुलसी पूजन दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
महिला उत्थान मंडल के तत्वावधान एवं श्री योग वेदांत सेवा समिति के मार्गदर्शन में, युवा सेवा संघ के विशेष सहयोग से 25 दिसंबर को कैला देवी मंदिर स्थित गुरु वाटिका में भव्य तुलसी पूजन समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर तुलसी माता की विधिवत पूजा-अर्चना कर 251 तुलसी पौधों का वितरण किया गया। साथ ही नगर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तुलसी के गमले भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में श्री आसारामायण पाठ एवं आश्रम परंपरा अनुसार बीडी जामनेरा द्वारा विधिवत पूजन संपन्न कराया गया। गुरु वाटिका परिसर में सात स्थानों पर तुलसी के गमले सुसज्जित किए गए, जहां श्रद्धालु भाई-बहनों ने भक्ति भाव से पूजन किया।

सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष लीला भेरूलाल अटरिया, देवेंद्र अटरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधियों को तुलसी के पौधे भेंट किए गए। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर ऋतुराज सिंह, जिला वन अधिकारी अमित सिंह, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को तुलसी के गमले भेंट किए गए।
महिला मंडल की मीडिया प्रभारी आशा गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि देवास में दिसंबर माह को ‘गीता जयंती एवं तुलसी पूजन माह’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत मंदिरों, घरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संत आसाराम बापू की प्रेरणा से वर्ष 2014 से 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जा रहा है, जो आज देश-विदेश में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
साधक मोहन जोशी का कहना है कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। तुलसी को आयुर्वेद में औषधियों की रानी कहा गया है, जो न केवल अनेक रोगों में लाभकारी है बल्कि पर्यावरण शुद्धिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।




