प्रशासनिक

देवास-क्षिप्रा में डायग्नोस्टिक सेंटर सील, रिकॉर्ड जब्त

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नियम विरूद्ध संचालन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की कार्रवाई

देवास। जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। बिना अनुमति और नियमों के विरुद्ध चल रहे डायग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ की गई कार्रवाई में अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद सेंटरों को सील कर रिकॉर्ड जब्त किए गए। निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन और चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कड़े कदम उठाए।

कलेक्टर ऋतुराजसिंह के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग देवास जिले में संचालित प्रायवेट नर्सिंग होम, क्लीनिक और सोनोग्रॉफी, पैथालॉजी सेन्टरों का निरीक्षण कर कर रहा है। विभाग बगैर लाइसेंस एवं नियम के विरूद्ध संचालन करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने बताया कि इसी के तहत मंगलवार को जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष कोतकर व टीम ने देवास के भगतसिंह मार्ग, नगर निगम के सामने संचालित इंदौर डायग्नोस्टिक सोनोग्रॉफी सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम को अनियमितता मिली। टीम ने रिकॉर्ड जब्त कर सोनोग्रॉफी सेंटर को बंद किया।

इस दौरान बताया कि सोनोग्रॉफी सेंटर संचालनकर्ता डॉ. पंकज गुप्ता हैं। टीम ने बताया कि इनका देवास जिले में देवास शहर सहित ग्राम क्षिप्रा में भी इंदौर डायग्नोस्टिक सेन्टर के नाम से सेन्टर है। टीम को तत्काल निर्देश दिए और टीम दोपहर में क्षिप्रा सेन्टर पहुंची लेकिन सेन्टर बंद पाया गया। उक्त दोनों सेन्टर पर डॉ. गुप्ता नहीं मिले। इनके द्वारा शासन के नियम विरूद्ध इन सेन्टरों का संचालन किया जा रहा था। योग्य चिकित्सक के द्वारा सोनोग्रॉफी नहीं करने एवं निरीक्षण की कार्रवाई के भय से दूसरे सेन्टर के बंद पाए जाने पर पंचनामा बनाकर इन सेन्टरों को तत्काल सील कर नोटिस चस्पा किए गए। नोटिस में उल्लेख है कि बिना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुमति के सेंटर का संचालन नहीं किया जाए और सेन्टरों की अनुमति संचालन संबंधी दस्तावेजों सहित कार्यालय में उपस्थित हों।

डॉ. कोतकर ने बताया कि देवास में ही सोनोग्रॉफी सेन्टर इन्दौर डायग्नोस्टिक सेन्टर में कार्रवाई के दौरान डॉ. करुणा पांडे बीएचएमएस, बीएससी बायोटैक्नोलॉजी की चिकित्सकीय पर्ची पर सोनोग्रॉफी लिखते हुए सील एवं साइन भी प्राप्त हुए किन्तु मरीज का नाम नहीं लिखा गया। जो पर्ची सोनोग्रॉफी कराने आई महिला के पास प्राप्त हुई। डॉ. पांडे होम्योपैथी चिकित्सक है जबकि वे एलोपैथी में पर्ची पर सोनोग्रॉफी की सलाह लिख रही है, जो कि सर्वथा उनकी चिकित्सा पैथी का उल्लंघन है। टीम डॉ. पाण्डे के क्लीनिक में पहुंची तो, वहां अनजान व्यक्ति तत्काल शटर गिराकर ताला लगाकर चला गया। डॉक्टर को नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही है।

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