क्राइम

वर्दी पर लगा रिश्वत का दाग: महिला थाने की प्रधान आरक्षक 10 हजार की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ी गई

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देवास। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जब आम लोगों को न्याय दिलाने वाली वर्दी पर रिश्वत का दाग लगा। लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई में महिला थाने से जुड़ा ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।

पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल के निर्देश पर प्रदेशभर में भ्रष्टाचार के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त आनंद यादव उज्जैन के मार्गदर्शन में देवास में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान महिला थाना देवास में पदस्थ प्रधान आरक्षक शाहीन खान को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

मामले की शुरुआत 19 दिसंबर को हुई, जब आवेदक विशाल परमार ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसकी पत्नी द्वारा महिला थाने में मारपीट एवं दहेज प्रताड़ना से संबंधित शिकायत की गई है। इस शिकायत पर कार्रवाई न करने के बदले महिला थाने की प्रधान आरक्षक शाहीन खान द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। लोकायुक्त कार्यालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की। निरीक्षक दीपक के सेजवार द्वारा शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 23 दिसंबर को लोकायुक्त की ट्रैप टीम का गठन किया गया।

पूर्व नियोजित योजना के तहत आवेदक को रिश्वत की राशि के साथ भेजा गया। जैसे ही प्रधान आरक्षक ने आवेदक से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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