भागवत कथा में धूमधाम से मनाया शिव-पार्वती विवाह का उत्सव

देवास/क्षिप्रा (राजेश बराना)। सुकल्या क्षिप्रा श्रीमद् भागवत कथा का तीसरा दिवस संपन्न हुआ। शिव-पार्वती विवाह कथा प्रसंग के साथ में कथा तीसरे दिवस में संपन्न हुई।
साथ बाबा भोलेनाथ कैलाश पर्वत से हिमालय पर्वत पर बारात लेकर आए। भगवान श्री शंकर जी की कथा प्रसंग के माध्यम पंडित नागेश्वर शर्मा ने बताया आज की पीढ़ी अनुसार विवाह में अधिकतर लोग बफर डिनर अधिक का आयोजन रखते हैं, जिसमें लाखों रुपए खर्च करते हैं और हमारा शास्त्र कहता, धर्म कहता है कि हमारे यहां शांति रूप से आसन लगाकर बैठकर के भजन इत्यादि करना चाहिए। आज बड़े-बड़े बफर डिनर हो रहे हैं जो हमारे शास्त्र के विरुद्ध है। हमारा धर्म कहता है हमें शांतिपूर्ण बैठकर आसन लगाकर आसन पर बैठकर भगवान को भोग लगाकर फिर भोजन करना चाहिए और आज के युग में देखा जा रहा है लोग चलते-फिरते बफर में पांव में जूता चप्पल पहन करके झूठे हाथ से ही लेते हैं और भोजन करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। ऐसी और कई समाज सुधार की बात पंडित शर्मा ने बताई।

गांव के वरिष्ठ समाजसेवी गोरीशंकर चौधरी ने बताया कि गुरुवार को कथा में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। यह कथा 21 दिसंबर तक चलेगी। इस कथा का आनंद गांव के समस्त भक्तों ने और आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त क्षेत्रवासियों ने हजारों की तादाद में इस कथा का आनंद लिया। भव्य ढोल नगाड़े पर नाचते हुए भगवान श्री शंकर जी की बारात का धूमधाम से उत्सव मनाया गया।




