धर्म-अध्यात्म

माता टेकरी की दानपेटियां खोली गईं

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विदेशी मुद्रा, चांदी के आभूषण सहित मन्नत की पर्चियां भी निकली

देवास। शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद शनिवार को माता टेकरी स्थित दोनों माता मंदिरों की 24 दानपेटियां खोली गईं। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से भरी इन दानपेटियों की गिनती का कार्य सुबह से शुरू हुआ, जिसमें राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

प्रारंभिक गिनती में दानपेटियों से बड़ी संख्या में नोट और सिक्के निकले। इसके अलावा चांदी के आभूषण भी मिले। खास बात यह रही कि इस बार भी विदेशी मुद्रा भक्तों द्वारा अर्पित की गई है। दानपेटियों से सिंगापुर, नेपाल और सऊदी अरब के नोट भी प्राप्त हुए हैं। यह दर्शाता है कि मां टेकरी की ख्याति और आस्था सीमाओं से परे है।

मन्नत की पर्चियां बनीं आकर्षण का केंद्र-
दानपेटियों से जहां नोट-सिक्के निकले, वहीं सबसे भावुक कर देने वाले क्षण तब सामने आए, जब भक्तों द्वारा लिखी गई पर्चियां मिलीं। इनमें किसी ने नौकरी की इच्छा जताई, तो किसी ने परिवार की खुशहाली और स्वास्थ्य की कामना की।

‘मां, नेताओं को सद्बुद्धि दो…’
गिनती के दौरान एक अनोखी पर्ची भी मिली। इसमें एक अज्ञात भक्त ने मां से शहर के हालात सुधारने की प्रार्थना की। उसने लिखा –
“मां, तेरे शहर के नेताओं को सद्बुद्धि दो, शहर को सुधार दो।” पर्ची में शहर के अतिक्रमण, होर्डिंग्स आदि का भी उल्लेख किया। यह पर्ची चर्चा का विषय बनी हुई है।

माता टेकरी आस्था और उम्मीदों का केंद्र-
माता टेकरी देवास की पहचान और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां भक्त न केवल धन-दौलत समर्पित करते हैं, बल्कि अपनी भावनाएं और उम्मीदें भी मां के चरणों में अर्पित करते हैं। यह परंपरा हर साल नवरात्रि के बाद दानपेटियां खोलने पर दिखाई देती है, जब आस्था और विश्वास के साथ भक्तों की भावनाएं भी बाहर आती हैं।

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