किशोरावस्था ही वह अवस्था है जहां छात्र के भविष्य का निर्धारण होता है- सैयद मकसूद अली

देवास। स्थानीय श्री नारायण विद्या मंदिर विद्यालय क्रमांक 1 में उमंग दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सदस्य किशोर न्याय बोर्ड सैयद मकसूद अली थे। अध्यक्ष के रूप में शासकीय कृष्णाजी राव पवार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. सीमा सोनी एवं विशेष अतिथि के रूप में सूबेदार यातायात थाना राहुल चंदेलसर, स्वास्थ्य विभाग से उमंग प्रभारी अर्पणा वर्मा एवं शासकीय हाई स्कूल मेंढकी धाकड़ की प्राचार्य संगीता खडीकर उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन किया। अतिथियों का स्वागत संस्था प्राचार्य केके मिश्रा, उमंग प्रभारी डी राजेश्वरी, प्रमिला राठौर, प्रीति जोशी, निर्मला पवार, मिर्जा मुशाहिद बैग ने किया। छात्रों को संबोधित करते हुए अतिथि सैयद मकसूद अली ने कहा, कि किशोरावस्था वह अवस्था होती है जब छात्र अपने भविष्य का निर्धारण करता है। सही-गलत का निर्णय इसी अवस्था में लेना होता है। यदि इस अवस्था में सही निर्णय लेकर सही मार्ग पर छात्र चले तो वह अपने भविष्य को, अपने जीवन को सुखमय बना सकता है। करियर को सही दिशा दे सकता है। गलत मार्ग पर चलने से भविष्य अंधकारमय हो सकता है। अतः श्रेष्ठ मार्ग का चयन करें, व्यसन से बचें। अध्ययन साधना में जुटे यही आपका कर्तव्य है।

डॉ. सीमा सोनी ने छात्रों से आह्वान किया कि वह अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखें। छात्र के जीवन में संस्कार, अनुशासन का होना बहुत जरूरी है। यही छात्र आगे चलकर राष्ट्र के विकास में महती भूमिका का निर्वाह करेंगे। सच्चे और अच्छे नागरिक बनेंगे। इस समय छात्र अपने कर्तव्य का निर्वाह ईमानदारी एवं समर्पित रूप से करें।

इस अवसर पर सूबेदार राहुल चंदेल, अर्पणा मैडम और संगीता खड़ीकर ने भी छात्रों को संबोधित किया। संस्था की शिक्षिका अनीता पंड्या ने उमंग दिवस के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी, निश्चयात्मक संवाद, स्वच्छता साइबर सुरक्षा सोशल मीडिया का दुष्प्रभाव, आइना, खुल जा सिम सिम, अपनी रुचि पर आधारित गीत, जेंडर पर आधारित धारणा आदि विभिन्न गतिविधियां संपन्न कराई गई। प्रतियोगिता में विजेता एवं भाग लेने वाले छात्रों को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक लोकेश सांवलिया ने किया एवं आभार मिर्जा मुशाहिद बैग ने माना।




