धर्म-अध्यात्म

भागवत कथा पितृ दोष दूर कर पितरों को शांति एवं मुक्ति दिलाती है- पं. नारायण प्रसाद शर्मा

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देवास। जेल रोड बड़ा बाजार स्थित सांवलिया नाथ मंदिर प्रांगण इन दिनों भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज रहा है। यहां 21 सितंबर तक चल रही श्रीमद् पितृ भागवत कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। मां चामुंडा सेवा समिति के संयोजक रामेश्वर जलोदिया के नेतृत्व और बैंक नोट प्रेस के उप महाप्रबंधक अभिराज सिंह ठाकुर के सान्निध्य में कथावाचक पं. नारायण प्रसाद शर्मा (उज्जैन) का शाल, श्रीफल, पगड़ी, मां की चुनरी और पुष्पमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया।

कथा प्रवचन में पं. शर्मा ने गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य उजागर करते हुए कहा कि श्राद्ध पक्ष का प्रत्येक दिन पितरों की कृपा प्राप्त करने का अद्वितीय अवसर होता है। इस काल में पितृदेव बिना आमंत्रण के ही अपने वंशजों के आह्वान को स्वीकार कर आशीष देने आते हैं। उन्होंने बताया कि पितृ दोष निवारण और पितरों की आत्मा की शांति, सद्गति व मोक्ष के लिए श्रीमद् भागवत कथा सर्वोत्तम साधना है।

कथावाचक ने कहा, भागवत कथा का श्रवण पितरों को दिव्य शांति प्रदान करता है। इसके पुण्य से परिवार के समस्त विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं, गृहस्थ जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है और पितृ दोष स्वतः नष्ट हो जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि श्राद्ध पक्ष में हर घर को भक्ति की धारा से जोड़कर पितरों का स्मरण करें, क्योंकि यह समय स्वर्ग और पृथ्वी के बीच आध्यात्मिक सेतु रचता है।

इस अवसर पर उदासीन मठ टेकरी सीढ़ी मार्ग के संत पूर्णानंदजी महाराज, आयोजक मंडल के रामचंद्र पड़ियार, राधेश्याम पड़ियार, गौरीशंकर, तेजू बाई, मंजू जलोदिया, मां चामुंडा सेवा समिति के समाजसेवी नारायण व्यास, नरेंद्र मिश्रा, रामेश्वर जलोदिया, उम्मेदसिंह राठौड़, राजेश गोस्वामी, इंदरसिंह गौड़, दिनेश सांवलिया, राधेश्याम बोडाना, अभिषेक अवस्थी, सुशील शिंदे, शशिकांत गुप्ता, प्रभु दयाल ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर महाआरती की। सैकड़ों धर्मप्रेमियों ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ लिया।

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