नगर निगम

निगम की कमाई बढ़ाने के लिए सख्त तेवर

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अवैध नल कनेक्शन, कचरा शुल्क और कर वसूली पर आयुक्त का एक्शन मोड

देवास। नगर निगम की आय बढ़ाने और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब ढिलाई नहीं चलेगी। राजस्व वसूली से लेकर अवैध नल कनेक्शन, बिना लाइसेंस कारोबार और कचरा संग्रहण शुल्क तक हर मोर्चे पर सख्ती के संकेत मिल चुके हैं। निगम में हुई अहम बैठक में साफ कर दिया गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी।

राजस्व वसूली का बड़ा लक्ष्य- नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने राजस्व विभाग को वित्तीय वर्ष मार्च 2026 तक प्रतिदिन 10 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य सौंपा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि वार्ड प्रभारियों और वसूलीकर्ताओं को टीम वर्क के साथ लक्ष्य हासिल करना होगा। जिस दिन वसूली नहीं होगी, उस दिन का वेतन भी नहीं मिलेगा।

अवैध नल कनेक्शन पर शिकंजा- शहर में अवैध नल कनेक्शन के जरिए पानी उपयोग करने वालों पर सख्ती तय है। आयुक्त ने वार्डवार सघन सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं से 4,050 रुपये जमा कराकर नल कनेक्शन को वैध किया जाएगा, जिससे जलकर राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।

सीवरेज कनेक्शन की होगी जांच- जिन घरों और प्रतिष्ठानों ने अब तक सीवरेज कनेक्शन नहीं लिया है, उनका भी सर्वे होगा। नियमानुसार शुल्क वसूली के साथ-साथ पहले से कनेक्शन लेकर शुल्क जमा न करने वालों से कनेक्शन की तिथि से ही बकाया वसूला जाएगा। इस कार्य में सीवरेज टीम को वसूली अमले के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए।

बिना लाइसेंस कारोबार पर कार्रवाई- शहर में बड़ी संख्या में ऐसे व्यवसायी हैं जो बिना ट्रेड लाइसेंस के कारोबार कर रहे हैं। विशेष रूप से व्यावसायिक क्षेत्रों में क्षेत्रवार सर्वे किया जाएगा। बिना लाइसेंस वाले व्यापारियों के लाइसेंस बनाए जाएंगे और लाइसेंस में दर्शाए गए कार्य से अलग व्यवसाय करने वालों पर कार्रवाई प्रस्तावित होगी। साथ ही लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

कचरा संग्रहण शुल्क में सख्ती- घर-घर कचरा संग्रहण शुल्क को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जहां नियमित रूप से कचरा वाहन पहुंच रहा है, वहां शुल्क न देने वालों से वाहन चालक कचरा नहीं लेंगे। मौके पर दरोगा पहुंचकर शुल्क जमा करवाएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर चालानी कार्रवाई होगी। बड़े होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नियमानुसार व्यावसायिक दरों पर शुल्क वसूला जाएगा।

संपत्तिकर में मौके पर जांच- संपत्तिकर अमले को निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू और व्यावसायिक उपयोग की संपत्तियों की मौके पर जांच कर वास्तविक उपयोग के अनुसार कर वसूली की जाए। आदेशों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई तक की चेतावनी दी गई है।

कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी- वसूली कार्य में तैनात कर्मचारियों द्वारा आदेशों का उल्लंघन पाए जाने पर उनकी सेवाएं पृथक की जा सकती हैं। इसके लिए विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों की वसूली कार्याें में तैनाती की गई तथा जो आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं उनकी सेवाएं आदेश उल्लंघन की दशा में पृथक की जा सकती है। इनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश उपायुक्त वित्त राजस्व अधिकारी दीपक पटेल एवं राजस्व अधिकारी अनूभूति श्रीवास्तव को दिए।

जनता में सकारात्मक संदेश- निगम आयुक्त की सख्त लेकिन व्यवस्थित कार्यशैली को लेकर शहर में सकारात्मक चर्चा है। आमजन का मानना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल निगम की आय बढ़ेगी, बल्कि शहर की व्यवस्थाएं भी अधिक पारदर्शी और बेहतर होंगी।

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