शिक्षा की ओर बढ़ते कदम: मंगल तिलक के साथ बच्चों का विद्यालय में किया स्वागत

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। शिक्षा समाज के विकास का आधार स्तंभ है। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा कई लाभकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के प्रभाव से अब गांव के बच्चे भी सम्मानजनक पदों पर आसीन हो रहे हैं।
इसी कड़ी में माध्यमिक विद्यालय कामठखेड़ा में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मंगल तिलक लगाकर ग्यारह बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश दिलाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामसिंह ओसारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है जो बच्चों को उज्ज्वल भविष्य प्रदान कर सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजें, ताकि वे शिक्षित होकर समाज में अपना योगदान दे सकें।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक परसराम पिंडोरिया ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें पहली और छठी कक्षा में नए छात्रों का प्रवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार के लिए इस प्रकार के आयोजन आवश्यक हैं, जिससे माता-पिता व बच्चे शिक्षा के प्रति जागरूक हों।
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक ओमप्रकाश यादव, देवकरण चौहान, गुलाब वास्केल, ललिता पाटीदार और श्रीमती वास्केल ने भी बच्चों को प्रेरित किया। नवप्रवेशी बच्चों को पेन, कॉपी, किताबें और चॉकलेट वितरित कर उनका स्वागत किया गया।

गांवों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए आसपास के अन्य विद्यालयों, जैसे माध्यमिक विद्यालय धावड़िया, सेवनिया, कामठ, बावड़ीखेड़ा और पांजरिया में भी प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। इन संस्थानों में शिक्षकों, जुगलकिशोर अमड़ावदिया, राजेंद्र टोंडर, आशीष यादव, पवन पाचौरिया आदि ने इस अवसर को हर्षोल्लास से मनाया।
कार्यक्रम का संचालन राजेश तंवर ने किया, जबकि प्रेमनारायण पाटीदार ने आभार व्यक्त किया।




