एमपी बोर्ड रिजल्ट: छात्राओं का दबदबा, सिंगरौली की प्रज्ञा ने रचा इतिहास, 10वीं में 500 में 500 अंक

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम की घोषणा मंगलवार को की। इस वर्ष का परिणाम ऐतिहासिक रहा और छात्राओं ने एक बार फिर से अपनी मेधा का लोहा मनवाया।
10वीं का परिणाम – 76.22% छात्र सफल।
कक्षा 10वीं में कुल 76.22 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। जिलों की रैंकिंग में नरसिंहपुर शीर्ष पर रहा, जहाँ 92.73 प्रतिशत छात्र सफल हुए। मंडला जिला दूसरे स्थान पर रहा, यहाँ 89.83 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए।
सबसे बड़ी उपलब्धि रही सिंगरौली की प्रज्ञा जायसवाल की जिन्होंने रिकॉर्ड बनाते हुए 500 में से 500 अंक प्राप्त किए। यह प्रदर्शन एमपी बोर्ड के इतिहास में दुर्लभ है और राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
12वीं में 74.48% छात्र सफल
कक्षा 12वीं के परिणाम भी पिछले वर्षों की तुलना में बेहतरीन रहे। इस बार 74.48% परीक्षार्थी सफल हुए जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 64% था। यह पिछले 15 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
यहाँ भी नरसिंहपुर जिला अव्वल रहा, जहाँ का सफलता प्रतिशत 91.91% रहा। नीमच जिला दूसरे स्थान पर रहा, जहाँ 86.34% छात्र सफल रहे।
मेरिट लिस्ट में छात्राओं का जलवा
10वीं मेरिट लिस्ट: कुल 212 विद्यार्थियों में से 144 छात्राएं और 68 छात्र रहे।
12वीं मेरिट लिस्ट: कुल 159 विद्यार्थियों में से 89 छात्राएं और 70 छात्र शामिल हैं।
12वीं में सतना की प्रियल द्विवेदी ने सर्वाधिक अंक प्राप्त किए। उन्होंने 500 में से 492 अंक हासिल कर टॉप स्थान प्राप्त किया।
शासकीय विद्यालयों का शानदार प्रदर्शन
एक बार फिर शासकीय स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने न केवल पास प्रतिशत में बढ़त हासिल की, बल्कि मेरिट लिस्ट में भी अपना परचम लहराया।
इस वर्ष एमपी बोर्ड ने न सिर्फ परिणामों के आँकड़ों में सुधार किया बल्कि गुणवत्ता में भी उच्च स्तर को छूआ। छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा और राज्य सरकार की नीतियों व स्कूलों की मेहनत ने इसे संभव बनाया है।




