धर्म-अध्यात्म

भारत की संस्कृति देव संस्कृति है और इसके द्वारा ही विश्व जगत गुरु बनेगा- गायत्री परिवार

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देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार की छात्राओं द्वारा देवास नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 15 विद्यालयों में सामाजिक परिवीक्षा के अंतर्गत आयोजन संपन्न हो चुके है, जिसमें उत्कृष्ट विद्यालय, शासकीय हासे स्कूल सिरोल्या सहित शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय शामिल है।

गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार की छात्राओं द्वारा देव संस्कृति से जुड़ने की बात लगातार बताई जा रही है और संभवत: शहर के प्रत्येक विद्यालय एवं महाविद्यालयों में पहुंचने का लक्ष्य है ताकि देव संस्कृति की बात घर घर पहुंचे।

देव संस्कृति विश्व विद्यालय हरिद्वार की छात्रा वर्षा कुमारी ने बताया कि भारत की देव संस्कृति से आज सबको जुड़ने की आवश्यकता है और इसके यज्ञ पिता एवं गायत्री माता है। इनके सहारे ही भारत विश्व गुरु बन सकता है। घर-घर में गायत्री साधना और यज्ञ होंगे तो निश्चित ही घर व समाज का वातावरण संस्कारयुक्त होगा एवं बदलाव मिलेगा।

दिव्या तांबड़े एवं हर्षिता चौहान का कहना है कि शरीर को स्वस्थ रखना हमारा पहला धर्म है। इसे व्यवस्थित रखना भी हमारा कर्तव्य है। हमारा आहार-विहार बहुत मायने रखता है, इसलिए प्रतिदिन योग प्राणायाम करना चाहिए ताकि शरीर की रक्षा हो सके। सामाजिक परिवीक्षा के आयोजनों में गायत्री परिवार के रमेशचंद्र मोदी, कन्हैयालाल मोहरी, हरिराम जिराती, कांतिलाल पटेल, देवीशंकर तिवारी एवं रामनिवास कुशवाह का विशेष योगदान मिल रहा है।

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