जीएसटी रिटर्न में देरी पर 56 व्यापारियों को नोटिस, विलंब शुल्क वसूली की कार्रवाई शुरू
विलंब शुल्क, ब्याज और जीएसटी पंजीयन निरस्तीकरण तक की हो सकती है कार्रवाई

बालाघाट। बालाघाट वाणिज्यिक कर विभाग ने समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले करदाताओं के विरुद्ध कार्यवाही शुरू कर दी है।
विभाग ने निर्धारित समय सीमा के भीतर GSTR-1 रिटर्न प्रस्तुत नहीं करने वाले 56 पंजीकृत व्यापारियों को विलंब शुल्क के संबंध में सूचना पत्र जारी किए हैं। साथ ही उनसे विलंब शुल्क की वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
राज्य कर सहायक आयुक्त सरिता सिरसाम ने बताया कि प्रत्येक पंजीकृत करदाता के लिए समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करना वैधानिक दायित्व है। इसके बावजूद कई करदाता निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 5 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर वाले नियमित मासिक करदाताओं के लिए GSTR-1 रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि प्रत्येक माह की 11 तारीख तथा GSTR-3B की अंतिम तिथि 20 तारीख निर्धारित है। वहीं, 5 करोड़ रुपये से कम वार्षिक टर्नओवर वाले त्रैमासिक नियमित करदाताओं के लिए GSTR-1 की अंतिम तिथि 13 तारीख और GSTR-3B की अंतिम तिथि 22 तारीख तय की गई है।
सहायक आयुक्त श्रीमती सिरसाम ने स्पष्ट किया कि रिटर्न दाखिल करने में विलंब होने पर नियमानुसार विलंब शुल्क, ब्याज एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। लगातार रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले करदाताओं के विरुद्ध जीएसटी पंजीयन निरस्तीकरण जैसी कठोर कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।
वाणिज्यिक कर विभाग ने सभी लंबित करदाताओं से अपील की है कि वे अपने बकाया जीएसटी रिटर्न तत्काल दाखिल करें तथा भविष्य में निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करें। विभाग के अनुसार समय पर रिटर्न दाखिल करने से कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है और कर अनुपालन को मजबूती मिलती है।
विभाग ने यह भी कहा है कि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत समस्या होने पर करदाता राज्य कर सहायक आयुक्त कार्यालय, बालाघाट वृत्त अथवा जीएसटी सहायता केंद्र से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।




