प्रकृति के रहस्य

आसमान से मछलियों और मेंढकों की बारिश! क्या सच में होती है ऐसी अजीब घटना?

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कभी बारिश की बूंदों के साथ जमीन पर मछलियां और मेंढक भी दिखाई दे सकते हैं। जानिए इस हैरान करने वाली प्राकृतिक घटना के पीछे छिपा वैज्ञानिक रहस्य।

कल्पना कीजिए… आसमान में बादल छाए हैं, बारिश शुरू होती है और कुछ देर बाद जब आप बाहर निकलते हैं तो सड़क पर पानी के साथ छोटी-छोटी मछलियां और मेंढक पड़े दिखाई देते हैं। पहली नजर में शायद आपको अपनी आंखों पर भरोसा ही न हो।

लेकिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट सामने आती रही हैं, जहां लोगों ने बारिश के बाद बड़ी संख्या में मछलियां या मेंढक जमीन पर देखे।

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तो क्या सचमुच कभी आसमान से मछलियों और मेंढकों की बारिश हो सकती है?

जवाब है—ऐसा होना संभव है, लेकिन इसके पीछे कोई रहस्यमयी या अलौकिक शक्ति नहीं, बल्कि मौसम की बेहद शक्तिशाली परिस्थितियां हो सकती हैं।

पानी के ऊपर उठता बवंडर बन सकता है वजह

इस तरह की घटनाओं को समझने के लिए सबसे पहले Waterspout को समझना होगा। Waterspout पानी के ऊपर बनने वाला एक शक्तिशाली घूमता हुआ वायु स्तंभ होता है। यह देखने में बवंडर जैसा दिखाई दे सकता है और समुद्र, झील या बड़े जलाशय के ऊपर बन सकता है।

कुछ परिस्थितियों में तेज हवाएं पानी की सतह के पास मौजूद हल्की चीजों को ऊपर उठा सकती हैं। यदि उसी क्षेत्र में छोटी मछलियां, मेंढक या अन्य छोटे जलीय जीव मौजूद हों, तो वे भी इस शक्तिशाली हवा की चपेट में आ सकते हैं। यहीं से शुरू होती है वह कहानी, जो जमीन पर पहुंचने के बाद लोगों को किसी रहस्य से कम नहीं लगती।

मछली आखिर आसमान तक पहुंचती कैसे है?

मछली के खुद उड़कर आसमान में पहुंचने का सवाल ही नहीं उठता। लेकिन तेज हवा के लिए छोटी और हल्की मछली को कुछ दूरी तक उठाना असंभव भी नहीं है।

मान लीजिए किसी झील या जलाशय के ऊपर तेज घूमती हुई हवा का शक्तिशाली क्षेत्र बन गया। पानी की सतह के पास मौजूद छोटी मछलियां हवा की चपेट में आ सकती हैं। अगर हवा उन्हें पर्याप्त ऊंचाई तक ले जाती है और फिर यह प्रणाली आगे बढ़ती है, तो मछलियां जलाशय से काफी दूर किसी दूसरे इलाके में पहुंच सकती हैं।

जब हवा कमजोर पड़ती है, तो उनका भार उन्हें वापस नीचे खींचता है। जमीन पर मौजूद लोगों को तब ऐसा लग सकता है जैसे आसमान से मछलियां बरसी हों।

मेंढकों के मामले में भी कहानी कुछ ऐसी ही है

मेंढक इस घटना के लिए और भी दिलचस्प उदाहरण हैं। छोटे मेंढक अक्सर तालाबों, झीलों, खेतों और नम इलाकों के आसपास पाए जाते हैं। यदि किसी ऐसे क्षेत्र में तेज हवाओं का शक्तिशाली बवंडर बन जाए, तो छोटे मेंढक भी हवा के साथ उठ सकते हैं।

बवंडर या तेज हवाओं का क्षेत्र आगे बढ़ने के बाद जब कमजोर होता है, तो हवा में मौजूद जीव नीचे गिर सकते हैं। यही कारण है कि कभी-कभी किसी इलाके में अचानक बड़ी संख्या में मेंढक दिखाई देने की घटनाएं लोगों को हैरान कर देती हैं।

क्या हर ऐसी घटना का कारण Waterspout ही होता है?

यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। किसी जगह बारिश के बाद मछलियां या मेंढक मिल जाने का मतलब यह जरूरी नहीं कि वे आसमान से ही गिरे हों। तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव भी छोटे जीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा सकता है। स्थानीय बाढ़, नालियों का पानी, तालाब का ओवरफ्लो या तेज बहाव भी ऐसी स्थिति पैदा कर सकता है।

इसलिए किसी खास घटना को Waterspout से जोड़ने के लिए उस समय के मौसम, हवा की दिशा, आसपास के जलाशयों और अन्य परिस्थितियों की जांच जरूरी होती है।

सिर्फ मछलियां और मेंढक ही क्यों दिखाई देते हैं?

तेज हवाएं केवल पानी ही नहीं, बल्कि कई तरह की हल्की वस्तुओं को भी कुछ दूरी तक ले जा सकती हैं।मछलियां और छोटे मेंढक इसलिए खास तौर पर चर्चा में आते हैं क्योंकि वे जलाशयों और गीले इलाकों के आसपास बड़ी संख्या में मिल सकते हैं।

अगर किसी शक्तिशाली मौसम प्रणाली का प्रभाव ऐसे क्षेत्र पर पड़े, तो कुछ जीव हवा के साथ उठकर दूसरे स्थान पर पहुंच सकते हैं। हालांकि हर रिपोर्ट में कारण बिल्कुल समान हो, यह जरूरी नहीं है।

क्या यह घटना आम है?

मछलियों या मेंढकों के आसमान से गिरने जैसी घटनाएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं। इसके लिए कई असामान्य परिस्थितियों का एक साथ बनना जरूरी होता है।

सिर्फ तेज बारिश होना पर्याप्त नहीं है। हवा की गति, मौसम की अस्थिरता, आसपास का जलाशय और उस क्षेत्र में मौजूद छोटे जीव—इन सभी परिस्थितियों की भूमिका हो सकती है। इसीलिए इसे सामान्य बारिश का हिस्सा समझना गलत होगा।

रहस्य आसमान में नहीं, हवा की ताकत में छिपा है

जब जमीन पर बारिश के बाद अचानक मछलियां या मेंढक दिखाई देते हैं, तो दृश्य निश्चित रूप से किसी रहस्यमयी कहानी जैसा लगता है, लेकिन प्रकृति कई बार बिना किसी जादू के ही ऐसे दृश्य पैदा कर देती है, जिन्हें देखकर इंसान हैरान रह जाए।

पानी के ऊपर बना बवंडर, तेज हवाएं, मौसम की अस्थिरता और फिर गुरुत्वाकर्षण—इन सबका मेल किसी जलाशय के छोटे जीवों को उनके सामान्य स्थान से काफी दूर पहुंचा सकता है।

इसलिए अगली बार अगर बारिश के बाद आपको सड़क पर कोई छोटी मछली या मेंढक दिखाई दे, तो यह सवाल जरूर उठ सकता है— क्या यह यहीं का रहने वाला था या हवा इसे कहीं दूर से उड़ाकर लाई है?

शायद इस सवाल का जवाब किसी रहस्यमयी दुनिया में नहीं, बल्कि पानी, हवा और तूफान के बीच चल रहे प्रकृति के एक बेहद शक्तिशाली खेल में छिपा हो।

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