कृषि विस्तार अधिकारियों का धरना जारी
अटेंडेंस खत्म करने समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर जताई नाराजगी

– दूसरे दिन भी नारेबाजी कर जताया विरोध, 21 अगस्त को भोपाल कूच करेंगे अधिकारी
– किसान बोले: हड़ताल से कृषि संबंधी काम हो रहे प्रभावित
देवास। किसानों तक शासन की योजनाओं और कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने वाले कृषि विस्तार अधिकारी इन दिनों अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
मप्र कृषि विस्तार अधिकार संघ के आह्वान पर जिले के कृषि विस्तार अधिकारियों ने कलमबंद और कार्य बहिष्कार कर कृषि उपसंचालक कार्यालय परिसर में धरना शुरू किया है। मंगलवार को धरने के दूसरे दिन अधिकारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। अधिकारियों का कहना है कि किसानों से उनका सतत संपर्क रहता है, ऐसे में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता व्यावहारिक नहीं है। साथ ही 2800 रुपए ग्रेड-पे सहित अन्य मांगों का भी शीघ्र निराकरण किया जाए।
चरणबद्ध आंदोलन, 21 अगस्त को भोपाल जाएंगे-
प्रांत के आह्वान पर कृषि विस्तार अधिकारियों का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। पहले चरण में 12 से 16 अगस्त तक ब्लॉक स्तर पर हड़ताल की गई। इसके बाद 17 से 20 अगस्त तक धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। आंदोलन के अगले चरण में 21 अगस्त को अधिकारी भोपाल पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
‘किसानों के लिए 24 घंटे संपर्क में रहते हैं’-
कृषि विस्तार अधिकारी प्रदीप सिलावट ने कहा कि उनका किसानों से निरंतर संपर्क रहता है। किसान कई बार रात्रि में भी कृषि संबंधी समस्याओं को लेकर संपर्क करते हैं। ऐसे में जब अधिकारी किसानों के लिए 24 घंटे सतत संपर्क में रहते हैं, तब ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कृषि विस्तार अधिकारियों को 2800 रुपए ग्रेड-पे का लाभ मिलना चाहिए। उनके समकक्ष सर्वेयर को भी यह लाभ मिल रहा है।
किया अधिकारियों की मांगों का समर्थन-
धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री से सम्मानित किसान धर्मेंद्रसिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने में कृषि विस्तार अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती से संबंधित जानकारी और समस्याओं के समाधान के लिए हम लगातार इनसे संपर्क करते हैं। अधिकारियों के हड़ताल पर रहने से निश्चित रूप से कृषि संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों की उचित मांगों का निराकरण किए जाने की बात कही।
ये हैं प्रमुख मांगें-
– eHRMS प्रणाली में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
– कृषि विस्तार अधिकारियों को 2800 रुपए ग्रेड-पे का लाभ दिया जाए।
– अतिरिक्त केंद्र के लिए वर्तमान 500 रुपए के स्थान पर 5,000 रुपए प्रतिमाह भत्ता दिया जाए।





