धर्म-अध्यात्म

गायत्री महामंत्र सामूहिक जप साधना का पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ समापन

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देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्ग दर्शन में पूरे विश्व में मातृ जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न साधनात्मक आयोजन किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में प्रज्ञा मंडल मिश्रीलाल नगर द्वारा पुरुषोत्तम मास के प्रथम दिवस से आचमन उद्यान मिश्रीलाल नगर में संध्या 7 बजे से प्रतिदिन 1 घंटा गायत्री महामंत्र जप मौन साधना प्रारंभ की गई थी, जिसका समापन अमावस्या पर पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ हुआ।

गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन अरुण कुमार शैव्य के मार्गदर्शन में पुरुषोत्तम मास के प्रथम दिवस से आचमन उद्यान मिश्रीलाल नगर में संध्या 7:00 बजे प्रतिदिन गायत्री महामंत्र जप मौन साधना प्रारंभ की गई थी जिसका समापन अमावस्या के दिन पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ हुआ।

इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, सुख समृद्धि एवं मानव मात्र के कल्याण हेतु उक्त सामूहिक साधना प्रतिदिन की जा रही थी। पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिवस अमावस्या को मौन साधना में सम्मिलित परिजन एवं अन्य कॉलोनीवासी द्वारा पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ आचार्य पंडित देवीशंकर तिवारी के आचार्यत्व में संपन्न हुआ।

श्रीवेदमाता गायत्री, गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी एवं माता भगवतीदेवी शर्मा की पूजा व देव आव्हान कर पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत की। एक माह से साधनारत वरिष्ठ परिजन अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि मौन साधना में प्रतिदिन गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र जाप से आत्मिक सुख व आनंद की अनुभूति हुई एवं हृदय में आत्म ज्योति जागृत हुई।

साधक जितेंद्र त्रिवेदी एवं कांतिलाल पटेल ने बताया कि प्रतिदिन सत्संग के माध्यम से शास्त्र के नवीन दृष्टांत से ज्ञानवर्धन हुआ। अन्य साधक रामप्रसाद मंडावरा, दिनेशचंद्र तिवारी, शांताराम पाटील, पुरणमल मालवीय एवं कपूरचन्द्र राठौर आदि ने बताया कि गीता के श्लोक द्वारा दिए गए संदेश से ज्ञान लाभ हम सभी को प्राप्त हुआ।

आज पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुती के अवसर पर महाप्रसादी का वितरण भी किया गया। 20 परिजन को गुरु दीक्षा दी गई एवं प्रज्ञा शर्मा व अनिता योगी का जन्मदिन मनाया गया। माताजी के जन्म शताब्दी वर्ष में यह आयोजन अति महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

इस अवसर पर गायत्री परिजन, श्रद्धालु एवं बच्चे भी शामिल हुए। आयोजक अरुण कुमार शैव्य ने एक माह से मौन साधना में लगे परिजन एवं यज्ञ में उपस्थित श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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