क्राइम

देवास से दिल्ली तक त्रिनेत्रम की पैनी नजर: 7 सदस्यीय चेन चुराने वाली गैंग का पर्दाफाश, 50 लाख की संपत्ति जब्त

Share

 

भागवत कथा में महिला श्रद्धालु की चेन चोरी बनी सुराग, त्रिनेत्रम नेटवर्क ने देवास से भोपाल तक पीछा कर 9 वारदातों का किया खुलासा

देवास। पुलिस के ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित कर दी। भागवत कथा में एक महिला श्रद्धालु की सोने की चेन चोरी की घटना से शुरू हुई जांच ने देशभर में सक्रिय एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।

तमिलनाडु मूल और दिल्ली से संचालित इस गैंग के 7 सदस्यों को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। गिरोह ने चंद दिनों में आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी, जबलपुर और देवास में 9 वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस ने चोरी गई सभी 9 सोने की चेन, लग्जरी कार, महंगे मोबाइल फोन सहित करीब 50 लाख रुपये का माल जब्त किया है।

भागवत कथा में हुई चोरी से खुला राज
11 जून को राधागंज निवासी 60 वर्षीय सरोज पति नरेंद्र अग्रवाल ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 जून को मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात महिला ने उनके गले से लगभग साढ़े तीन लाख रुपये कीमत की सोने की चेन और पेंडल चोरी कर लिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरनारायण बाथम, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल एवं थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

500 मीटर पैदल, फिर ऑटो और हाईवे से लग्जरी कार में फरार-
जांच के दौरान ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस को संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियां दिखाई दीं। फुटेज से पता चला कि वारदात के बाद आरोपी लगभग 500 मीटर तक पैदल चले, फिर ऑटो में बैठकर करीब 2 किलोमीटर दूर हाईवे तक पहुंचे और वहां खड़ी अपनी लग्जरी कार में बैठकर फरार हो गए।

सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी विश्लेषण की मदद से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन भोपाल तक ट्रेस कर ली और घेराबंदी कर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह में चार महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे। महिला सदस्य धार्मिक आयोजनों, भागवत कथा, प्रवचन, मेले, शोभायात्रा और अन्य भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालु बनकर शामिल होती थीं।

आरती और प्रसाद वितरण जैसे अवसरों पर वे महिला श्रद्धालुओं के करीब पहुंचतीं और बड़ी सफाई से उनके गले से सोने की चेन निकाल लेती थीं। वारदात के तुरंत बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते थे, जिससे किसी को शक न हो। गिरोह के पुरुष सदस्य निगरानी, परिवहन और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का काम करते थे।

सभी चेन बरामद-
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने देवास सहित कई शहरों में चेन चोरी की घटनाएं स्वीकार की हैं। गिरोह ने 3 जून से 10 जून के बीच कुल 9 वारदातों को अंजाम दिया था।

कहां-कहां की वारदातें?
आगरा – 2 चेन चोरी
ग्वालियर – 2 चेन चोरी
शिवपुरी – 2 चेन चोरी
भेड़ाघाट (जबलपुर) – 2 चेन चोरी
देवास – 1 चेन चोरी
देवास पुलिस ने सभी 9 वारदातों में चोरी हुई 9 सोने की चेन बरामद कर ली हैं।

मोबाइल फोन में मिली देशभर के धार्मिक आयोजनों की जानकारी-
पुलिस को आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल फोन की तकनीकी जांच में चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। मोबाइल में देशभर में आयोजित होने वाले धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों की विस्तृत सूची मिली है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह इन आयोजनों में पहुंचकर महिलाओं के सोने के आभूषणों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। अब पुलिस संबंधित राज्यों को जानकारी भेज रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पहले किन-किन आयोजनों में सक्रिय रहे हैं।

भोपाल में अगली वारदात की तैयारी, उससे पहले दबोचे गए-
पुलिस के अनुसार आरोपी भोपाल में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। इससे पहले ही देवास पुलिस ने उन्हें ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो गिरोह और कई महिलाओं को निशाना बना सकता था।

गिरफ्तार आरोपी

1. जया पत्नी शिवराज, उम्र 55 वर्ष, निवासी मदनगीर, दक्षिण दिल्ली (मुख्य सरगना)
2. ज्योति पत्नी सागर मानकर, उम्र 30 वर्ष, दक्षिण दिल्ली
3. मग्मा पत्नी चंगा, उम्र 40 वर्ष, दक्षिण दिल्ली
4. देवी पत्नी रवि, उम्र 40 वर्ष, दक्षिण दिल्ली
5. देवेंद्र पिता प्रकाश मुगम, उम्र 40 वर्ष, दक्षिण दिल्ली
6. रवि पिता राजा, उम्र 36 वर्ष, दक्षिण दिल्ली
7. राहुल पिता नाजिया, उम्र 30 वर्ष, दक्षिण दिल्ली

सभी आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के निवासी हैं और लंबे समय से दक्षिण दिल्ली में रह रहे थे।

दिल्ली, मुंबई और हरियाणा में भी दर्ज हैं मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, मुंबई और हरियाणा में चोरी और लूट के कुल छह अन्य अपराध भी दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से अपराध कर रहा था।

50 लाख का माल जब्त-
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:  सोने की चेन (लगभग 156 ग्राम) कीमत करीब 26 लाख रुपए। वारदात में प्रयुक्त TATA HEXA कार कीमत करीब 20 लाख रुपए। 6 मोबाइल फोन कीमत करीब 4 लाख रुपए व 3500 रुपए नकद जब्त किए हैं। कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपए का माल बरामद किया गया है।

सराहनीय कार्य उक्त सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी कोतवाली श्री शर्मा, उनि जीवन भिण्डौरे, जुबान सिंह भूरिया, प्रआर सुनील देथरिया, रवि गरोडा, हेमन्त डाबी, आरक्षक नवीन पटेल, सुजीत सिंह, वैभव मंडलोई, महिला आरक्षक स्वाति पांडे एवं सायबर सेल टीम देवास से प्रभारी सायबर सेल प्रआर शिवप्रताप सिंह सेंगर, प्रआर सचिन चौहान, आरक्षक राहुल बड़ोले, मोनू राणावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

ऑपरेशन त्रिनेत्रम बना सफलता की कुंजी
देवास पुलिस की इस कार्रवाई में थाना कोतवाली, साइबर सेल और ऑपरेशन त्रिनेत्रम की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीसीटीवी नेटवर्क, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के समन्वय से पुलिस ने मात्र तीन दिनों में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर न केवल देवास बल्कि चार अन्य शहरों की वारदातों का भी खुलासा कर दिया।

देवास पुलिस का संदेश
धार्मिक आयोजनों, मेलों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में महिलाएं अपने कीमती आभूषणों को लेकर विशेष सतर्क रहें। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।

Back to top button