डीईओ की पहल से घंटेभर में सुधरी छात्रा की मार्कशीट, फिजिक्स की जगह दर्ज हो गया था संस्कृत विषय

भोपाल बोर्ड से समन्वय कर उपलब्ध करवाई संशोधित मार्कशीट
देवास। मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की हायर सेकेंडरी परीक्षा-2025 की अंकसूची में फिजिक्स विषय के स्थान पर संस्कृत विषय दर्ज होने से परेशान छात्रा को आखिरकार संशोधित मार्कशीट मिल गई।
आवेदन मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए भोपाल स्थित राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड से समन्वय स्थापित किया। उनकी पहल का परिणाम यह रहा कि करीब एक घंटे के भीतर ही छात्रा की संशोधित मार्कशीट जारी हो गई, जिससे उसे बड़ी राहत मिली।
आवेदन के अनुसार छात्रा टीना बागवान ने वर्ष 2025 की रुक जाना नहीं हायर सेकेंडरी परीक्षा जीव विज्ञान संकाय से उत्तीर्ण की। उसने फिजिक्स, बायोलॉजी, रसायन, हिंदी एवं अंग्रेजी विषयों के साथ परीक्षा दी थी, लेकिन जारी अंकसूची में फिजिक्स विषय के स्थान पर संस्कृत विषय दर्ज हो गया। इस त्रुटि के कारण छात्रा को आगे की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
छात्र नेताओं ने किया विरोध, डीईओ कार्यालय में दिया धरना-
त्रुटि सुधार की मांग को लेकर छात्रा ने एनएसयूआई नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन सौंपा। छात्र नेताओं ने मामले का तत्काल निराकरण करने की मांग को लेकर कक्ष में धरना दिया और छात्रा के भविष्य को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
डीईओ की तत्परता से तुरंत हुआ समाधान-
धरने के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी ने छात्रा के दस्तावेजों की जांच कर तत्काल मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड, भोपाल के अधिकारियों से संपर्क किया। आवश्यक तथ्य उपलब्ध कराए जाने के बाद बोर्ड ने रिकॉर्ड में सुधार करते हुए कुछ ही देर में संशोधित मार्कशीट जारी कर दी। इससे छात्रा और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली।
संशोधित मार्कशीट जारी करवाई-
जिला शिक्षा अधिकारी ने श्री सूर्यवंशी ने बताया कि छात्रा की अंकसूची में विषय संबंधी त्रुटि की जानकारी मिलते ही मामले को गंभीरता से लिया गया। छात्रा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण कर तत्काल मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड, भोपाल से समन्वय स्थापित किया। आवश्यक तथ्यों के सत्यापन के बाद बोर्ड ने संशोधित मार्कशीट जारी कर दी। विद्यार्थियों से जुड़े मामलों का निराकरण विभाग की प्राथमिकता है।




