
देवास। नेवरी के सरकारी स्कूल में औचक निरीक्षण करने पहुंचे संभाग आयुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जब कक्षाओं में पहुंचकर पढ़ाई का जायजा लिया तो 12वीं का सिलेबस अपेक्षा के मुताबिक पूरा नहीं मिला।
कलेक्टर ने गणित शिक्षक से सीधे सवाल किया कि अब तक इतना कम कोर्स क्यों पूरा हुआ? अधिकारियों ने पिछले वर्ष के 10वीं के कम परीक्षा परिणाम को लेकर भी शिक्षकों से जवाब-तलब किया और पढ़ाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत संभाग आयुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरी का औचक निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचकर शिक्षकों और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से पूछा गया कि शिक्षक समय पर आते हैं या नहीं और कक्षाएं नियमित लग रही हैं या नहीं।
अधिकारियों ने स्कूल में स्मार्ट बोर्ड से हो रही पढ़ाई और कंप्यूटर लैब में विद्यार्थियों को दिए जा रहे प्रायोगिक प्रशिक्षण की जानकारी भी ली। 12वीं के विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछे और जाना कि वे आगे क्या बनना चाहते हैं।
सिलेबस की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जब शिक्षकों से अब तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम की जानकारी ली गई तो सामने आया कि जारी शिक्षण सत्र में सिलेबस की गति काफी धीमी है। इस पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने नाराजगी जताई और गणित शिक्षक से सीधे सवाल किया कि अब तक इतना कम कोर्स क्यों पूरा हुआ है?

कलेक्टर ने पिछले वर्ष 10वीं कक्षा के कम परीक्षा परिणाम के कारणों की भी समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कक्षाएं नियमित समय पर लगें और विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो।
संभाग आयुक्त और कलेक्टर ने स्कूल में दर्ज विद्यार्थियों की संख्या और कार्यरत शिक्षकों की जानकारी भी ली। अधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल सिलेबस पूरा कराने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित भी किया जाए।
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स्कूल के बाद स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे अधिकारी
स्कूल के निरीक्षण के बाद संभाग आयुक्त और कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेवरी का भी औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने डॉक्टर और स्टाफ की उपस्थिति, मरीजों को मिल रही सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और ओपीडी व्यवस्था की जानकारी ली।
संभाग आयुक्त ने डॉक्टर से सार्थक ऐप के माध्यम से नियमित उपस्थिति दर्ज होने की जानकारी ली। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत पदों और वर्तमान में कार्यरत स्टाफ की स्थिति भी जानी।
अधिकारियों ने ओपीडी का निरीक्षण कर इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों से भी सीधे बातचीत की। संभाग आयुक्त ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर इलाज मिले। ओपीडी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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