राजनीति

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर हुए हमले के विरोध में अनुसूचित जाति विभाग ने दिया ज्ञापन

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देवास। विगत दिनों भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर एक अधिवक्ता द्वारा जूता फेंका गया। उक्त घटना से प्रदेश और देश का दलित समुदाय आक्रोशित और आंदोलित है।

इसी को लेकर सोमवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग के संयोजक संजय रैकवार के नेतृत्व में एवं शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम की उपस्थिति में एक ज्ञापन भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू के नाम डिप्टी कलेक्टर अभिषेक शर्मा को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि हम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पित है। बीआर गवई स्वतंत्र भारत के दूसरे दलित और पहले बौद्ध मुख्य न्यायाधीश है, उन पर जूता फेंकने जैसा घृणित कार्य किया गया है। यह किसी एक मात्र व्यक्ति का अपमान नहीं है बल्कि यह देश के सर्वोच्च न्यायिक पद की संवैधानिक गरिमा पर सीधा आघात है। उक्त घटना की पूर्ण निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा कृत्य को अंजाम देने वाले अधिवक्ता की तत्काल गिरफ्तारी और अभियोजन सुनिश्चित की जाए। भारत सरकार को निर्देश दिए जाए कि आरोपी के विरुद्ध गैर कानूनी गतिविधियों के तहत कार्रवाई की जाए।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता भगवान सिंह चावड़ा, सुधीर शर्मा, नजर शेख, भागीरथ मालवीय, जितेंद्रसिंह गौड़, नंदकिशोर पोरवाल, रोशन रायकवार, मदनलाल जेठवा, चंद्रपाल सोलंकी, निलेश वर्मा, सेशन कल्याने, गोवर्धन देसाई, धीरज कल्याने, मुन्ना सरकार, रितेश सांगते, मनोज सांगते, मुरलीधर गुप्ता, जयप्रकाश मालवीय, आत्माराम परिहार, वीरेंद्र परदेसी, महेंद्र धारू, रविन्द्र सोनी, विनय जलोदिया, अविनाश जेठवा, सीताराम मालवीय, रोहित सोलंकी, मिर्जा कदीर बैग, जितेंद्र मालवीय, मंगल धारू, राजू नारायण, बसंत कल्याने, आरिफ मेव उपस्थित थे। ज्ञापन का वाचन जिला पंचायत सदस्य बनेसिंह अस्ताय ने किया।

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