धर्म-अध्यात्म

राजयोग से मनुष्य अपनी आध्यात्मिक स्थिति के शिखर पर पहुंच जाता है- ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

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देवास। अन्न का हमारे मन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए जब भी हम भोजन प्रसादी बनाएं तब सबसे पहले हमें भगवान को भोग लगाना चाहिए। भगवान को भोग लगाए बिना कभी भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए।

भगवान को भोग लगाकर स्वयं भोजन करने से हमें परम शक्ति और शांति की अनुभूति होती है और हमारे जीवन में परम सुख शांति व शक्ति मिलती है।

यह विचार बिलासपुर से आई ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कालानी बाग सेंटर में राजयोग के दौरान व्यक्त किए।

इस दौरान संस्था की मुख्य जिला संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी के सानिध्य में मां चामुंडा सेवा समिति के समाजसेवी रामेश्वर जलोदिया, नारायण व्यास के मुख्य आतिथ्य में शाल-श्रीफल मां की चुनरी पुष्प मालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया।

दीदी ने आगे कहा, कि राजयोग से हमें तनाव से मुक्ति मिल जाती है। जीवन में अनेक उपलब्धियां सहज ही मिल जाती है। ध्यान करना यानी अपने मन के तार परमात्मा से जोड़ना है। जिससे हमें ईश्वरीय शक्ति का अनुभव होता है। परमात्मा के प्रसाद से प्राप्त शक्ति अमूल्य होती है। व्यक्ति के विचार शुद्ध होते हैं।

ब्रह्माकुमारी विश्विद्यालय देवास

राजयोग द्वारा सर्व शक्तियों की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन उज्जवल बन जाता है। राजयोग द्वारा मनुष्य अपनी आध्यात्मिक स्थिति के शिखर पर पहुंच जाता है। अतः हमें प्रतिदिन ध्यान द्वारा अपने अंतर्मन को शांत कर आगे की यात्रा अंतर यात्रा, आध्यात्मिक यात्रा करनी चाहिए। जिसमें सर्वोपरि सुख की प्राप्ति होती है।

Satsang

इस अवसर पर समाजसेवी नरेंद्र मिश्रा, नारायण व्यास, अपुलश्री दीदी, ज्योति दीदी, सुनील भाई, विवेक भाई, बंसीलाल राठौर भाई, इंदिरा बहन, सफला बहन, एकता बहन, हेमा वर्मा बहन सहित संस्था से जुड़े भाई-बहन उपस्थित थे।

 

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