आग देह को जला सकती है लेकिन आत्मा को नहीं- सद्गुरु मंगलनाम साहेब

देवास। जो झूठ और कपट से भरे हुए हैं उनके प्रश्नों के उत्तर सद्गुरु नहीं देते, क्योंकि जो है कुछ और, कहे कुछ। जिनकी जीवों पर दया नहीं। जो जीवित को मुर्दा कर देते हैं, जो क्रूरता से भरे हुए हैं, ऐसे दुष्टों को सद्गुरु की शरण भी नहीं मिलती।
यह विचार सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने सदगुरु कबीर सर्वहारा प्रार्थना स्थली सेवा समिति मंगल मार्ग टेकरी द्वारा चूना खदान प्रार्थना स्थली पर आयोजित गुरुवाणी पाठ, गुरु-शिष्य संवाद के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने आगे कहा कि जैसे किसी दुष्ट व्यक्ति के हाथ में मुट्ठी में चिड़िया का छोटा सा चूजा है और वह दुष्ट पूछ रहा है कि मेरी मुट्ठी में क्या है। सद्गुरु अगर उसका उत्तर दे देते, की तेरे हाथ में चिड़िया है और वह जिंदा है तो वह दुष्ट उस चिड़िया को मसल देता और कहता कि मेरे हाथ में जो चिड़िया है वह मरी हुई है, जिंदा नहीं है, तेरा भगवान तो झूठा है, तेरा साहब तो झूठा है। इसलिए ऐसी दुष्ट प्रवृत्ति के लोगों को संयमित होकर प्रतीक्षा कर अवसर आने पर ही उत्तर देना चाहिए। वरना मौन ही सही क्योंकि ऐसे लोगों का भरोसा नहीं कर सकते। अगर उस समय संयमित न होकर तत्काल उत्तर दे दिया जाता तो वह दुष्ट उस चिड़िया को मसल देता।

आगे कहा कि आग देह को जला देती है लेकिन जीव और आत्मा को नहीं जला सकती। आग हवा को भी नहीं जला सकती सिर्फ गर्म कर सकती है। जैसे गर्मी के दिनों मे गर्म हवा के बबूले चलते हैं तो यह तत्वों की पहचान है। जिनके मन में गर्मी है, विनाशकारी तत्व जिनके अंदर है वह रुक नहीं सकते बह जाते हैं। इस दौरान साध संगत द्वारा सद्गुरु मंगल नाम साहेब को नारियल भेंट कर आशीर्वचन लिए। इस अवसर पर संतोष बारोलिया जीवा साहेब, इंदिरा साहेब, नीरज साहेब सहित आदि उपस्थित थे। यह जानकारी सेवक वीरेंद्र चौहान ने दी।




