देवास

नेटवर्क, लोकेशन और आंखों की पुतली में उलझे शिक्षक!

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ई-अटेंडेंस के खिलाफ देवास में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन 

देवास। कक्षा में बच्चों को भविष्य का रास्ता दिखाने वाले शिक्षक आज खुद तकनीकी जाल में फंसे नजर आ रहे हैं। नेटवर्क की कमजोरी, लोकेशन की गड़बड़ी और चेहरे-आंखों की पहचान जैसी समस्याओं से जुझते शिक्षक ई अटेंडेंस का लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी के विरोध में देवास में संयुक्त शिक्षक संघ ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और सरकार से इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग की।

देवास में संयुक्त शिक्षक संघ देवास के पदाधिकारियों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन और नारेबाजी की। शिक्षकों ने तहसीलदार दीपिका पाव को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ‘हमारे शिक्षक एप’ के माध्यम से हाजिरी लगाने की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवहारिक है और इससे शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। संघ के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जब यह व्यवस्था इतनी कारगर है तो इसे अन्य विभागों में क्यों लागू नहीं किया गया? शिक्षकों का कहना है कि कई स्कूलों में नेटवर्क नहीं मिलता, कहीं स्लो इंटरनेट है, जिससे मोबाइल हाथ में लेकर हाजिरी लगाने में समय नष्ट होता है।

लोकेशन की समस्या भी गंभीर है- शिक्षक स्कूल परिसर में मौजूद रहते हैं, लेकिन एप उनकी लोकेशन दूर बता देता है, जिससे हाजरी दर्ज नहीं हो पाती। कई बार चेहरे का मिलान नहीं होता, तो कई बार आंखों की पुतली का मिलान फेल हो जाता है। एक बार जिस लोकेशन से लॉग-इन किया जाए, उसी लोकेशन से लॉग-आउट की बाध्यता ने शिक्षकों की परेशानी और बढ़ा दी है, खासकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में।

शिक्षकों ने ज्ञापन में यह भी बताया कि ई-अटेंडेंस का उल्लेख उनकी सेवा शर्तों में नहीं है, इसके बावजूद इसे जबरन लागू किया जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 25 दिसंबर को अंबेडकर पार्क, भोपाल में राज्यस्तरीय प्रदर्शन करेंगे।

गिनाए ई-अटेंडेंस के तकनीकी तथ्य:
संघ से जुड़े अरुण मिश्रा ने ई-अटेंडेंस से जुड़ी खामियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह व्यवस्था फिलहाल जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक फेस और आई-स्कैन तकनीक ग्रामीण क्षेत्रों की रोशनी, कैमरा क्वालिटी और नेटवर्क पर निर्भर है, जो फेल हो जाती है। जीपीएस आधारित लोकेशन कई बार गलत लोकेशन दिखाता है, जिससे शिक्षक स्कूल में होते हुए भी अनुपस्थित माने जाते हैं। तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से शिक्षक अनावश्यक तनाव में रहते हैं।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें:
राज्य शिक्षा सेवा में 1 जुलाई 2018 के बाद नियुक्त अध्यापक संवर्ग को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। नियमित उपस्थिति के नाम पर लागू अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस व्यवस्था बंद की जाए। अतिथि शिक्षकों की सेवाओं में वर्षभर निरंतरता रखी जाए। पुरानी पेंशन योजना (OPS)बहाल की जाए।

इस अवसर पर शिक्षक संगठनों के अर्जुनसिंह चावड़ा, हिमरतसिंह तोमर, दिनेश चौधरी, साबिर शेख, विनोदसिंह नामदेव, अरुण मिश्रा, ज्योति वड़ेकर, दशरथसिंह सेंधव, राजेंद्र चौहान, मयंक दुबे, भूपेंद्र शर्मा, दिनेश व्यास, पुरुषोत्तमसिंह सिसोदिया, आतिश कनासिया, अरविंदसिंह गौर, किशोर वर्मा, सुनील कुमावत, रेखा गौड़, रफत कुरैशी, संजीदा कुरैशी, रजनी ठाकुर, हंसा चौधरी, कविता कल्याणे, अनिल परमार, अश्विन मिश्रा, चंद्रशेखर राव, चंद्रमणि जोशी, हुकुमसिंह चावड़ा, हुकुमसिंह जादौन, मुकेश श्रीवास्तव, विनोद मंडलोई, अनीता शिवहरे, रेखा मुकाती , स्लाम घोरमारे उपस्थित थे। यह जानकारी अरुण मिश्रा ने दी।

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