सोनकच्छ में बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण

सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में गूंजे संविधान और सामाजिक एकता के संदेश, नशा मुक्ति पर कलाकारों ने बांधा समां
सोनकच्छ। नगर के बस स्टैंड क्षेत्र में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जिले की सबसे बड़ी प्रतिमा का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम पार्षद प्रतिनिधि सीताराम खेलवाल के नेतृत्व एवं आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें देवास जिले सहित विभिन्न ब्लॉक और तहसीलों से बड़ी संख्या में समाजजन, अधिकारी-कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राजेश सोनकर रहे, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष लीलाबाई अटारिया विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मनासा, तेजसिंह बघेल, बहादुर सिंह पिलवानी, अजाक्स संभाग प्रवक्ता शिवचरण अंगोरिया और अजाक्स जिलाध्यक्ष नंदलाल हरियाले विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समाज उत्थान पर व्यक्त किए विचार-
आयोजन समिति के सीताराम खेलवाल, महेंद्र खेलवाल, गुलाबचंद बाड़ोलिया और समाज अध्यक्ष रमेशचंद्र करवाडिया द्वारा अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं बाबा साहब की तस्वीर भेंट कर सम्मान किया गया। स्वागत भाषण जल संसाधन विभाग के एसडीओ सीताराम बाड़ोलिया ने दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भारतीय संविधान, सामाजिक समानता और महापुरुषों के विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है, जिससे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।
नशा मुक्ति पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल-
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत कलाकार राजू भारतीय ने महापुरुषों के जीवन और नशा मुक्ति विषय पर शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उनके गीतों और संदेशों ने उपस्थित लोगों को भावुक करने के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे समाजजन-
इस अवसर पर जीवनसिंह अंगोरिया, बलवंत बामनिया, प्रहलाद बामनिया, महेश तमोलिया, नरेंद्र जाटव, तेलमसिंह मोरे, विकास प्रणाम, भगतराम हरियाले, प्रेमलाल बामनिया, लीलाधर रलोती, सीताराम रलोती, अंबाराम रेखवाल, रामचंद्र मालवीय, गोविंद अस्ताया, पर्वतलाल अंगोरिया, गोविंद चौहान और पर्वतलाल फौजी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
न्याय एवं समानता के मसीहा थे डॉ. भीमराव अंबेडकर
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलकर शिक्षा, समानता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।




