देवास

तेंदूपत्ता सीजन से जंगलों में बढ़ी रौनक, हजारों श्रमिक सुबह से जुट रहे संग्रहण कार्य में

Share

 

– पुंजापुरा वनपरिक्षेत्र के 51 केंद्रों पर चल रहा काम, दो दिन में ही आधा लक्ष्य पूरा

पुंजापुरा (बाबू हनवाल)। क्षेत्र में इन दिनों तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य पूरे चरम पर है। सुबह होते ही गांवों की गलियां सूनी नजर आने लगती हैं, क्योंकि हजारों ग्रामीण रोजाना तड़के जंगलों की ओर निकल पड़ते हैं।

निजी वाहन, बैलगाड़ी और दोपहिया वाहनों से महिलाएं, पुरुष और युवा जंगल पहुंचकर तेन्दूपत्ता तोड़ने के कार्य में जुट जाते हैं। विशेष रूप से जोशी बाबा और जयंती माता क्षेत्र के जंगलों में इन दिनों श्रमिकों की भारी आवाजाही देखी जा रही है।

ग्रामीण सुबह करीब चार बजे घरों से निकल जाते हैं और जंगलों में फैलकर तेन्दूपत्ता एकत्रित करते हैं। महिलाएं अपनी पीठ पर साड़ी बांधकर पत्तों को सुरक्षित रखती हैं। सुबह आठ बजे तक अधिकांश श्रमिक अपने घर लौट आते हैं। इसके बाद दोपहर में भोजन करने के बाद पत्तों की गड्डियां बनाने का काम शुरू होता है।शाम करीब पांच बजे श्रमिक अपने-अपने संग्रहण केंद्रों पर पहुंचकर गड्डियों की गिनती करवाते हैं और फिर घर लौटते हैं।

51 केंद्रों पर चल रहा संग्रहण कार्य-
पुंजापुरा वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत पुंजापुरा, पलासी, पिपरी, और उदयनगर क्षेत्र में तीन समितियों के माध्यम से 35 स्थानों पर तेन्दूपत्ता संग्रहण किया जा रहा है। विभाग ने इस वर्ष 15 हजार 640 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया है।

वहीं उदयनगर रेंज में तीन समितियों के माध्यम से 35 केंद्रों पर कार्य जारी है। यहां 4721 श्रमिक संग्रहण कार्य में लगे हुए हैं और करीब 8 हजार मानक बोरा का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहने से इस बार पत्तों की गुणवत्ता अच्छी मिल रही है, जिससे लक्ष्य समय से पहले पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।

दो दिन में 50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल-
उदयनगर वनपरिक्षेत्र अधिकारी दिनेश निगम ने बताया कि श्रमिकों की मेहनत और अनुकूल परिस्थितियों के चलते मात्र दो दिनों में ही लगभग 50 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति कर ली गई है। उन्होंने बताया कि संग्रहण कार्य लगातार जारी है और आने वाले दिनों में लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है।

इंदौर से भी पहुंच रहे श्रमिक-
पलासी क्षेत्र में स्थानीय श्रमिकों के साथ-साथ इंदौर से आए मजदूर भी तेन्दूपत्ता तोड़ने का काम कर रहे हैं। क्षेत्र में रोजगार का यह बड़ा साधन बना हुआ है, जिससे हजारों परिवारों को मौसमी आय प्राप्त हो रही है। अकेले पुंजापुरा क्षेत्र में करीब 5 हजार श्रमिक इस कार्य से जुड़े हुए हैं।

ई-भुगतान से होगा मजदूरी का भुगतान-
उदयनगर थाना प्रभारी विजेन्द्र सोलंकी ने लक्ष्मीनगर कादुड़िया में श्रमिकों से संवाद करते हुए कहा कि सभी श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और श्रमिकों को सीधे उनके खातों में राशि मिलेगी।

प्राकृतिक कठिनाइयों के बीच तेंदूपत्ता संग्राहक मजदूरों की मेहनत रंग लाई, समिति ने चार दिन में ही पूरा किया लक्ष्य

पुरानी परंपरा पर उठे सवाल-
तेन्दूपत्ता संग्रहण व्यवस्था में वर्षों से चली आ रही एक परंपरा को लेकर जनपद अध्यक्ष परुबाई नाहरसिंह मुजालदे ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही व्यवस्था के तहत 100 गड्डियों पर 5 गड्डियां मुफ्त ली जाती हैं, जो श्रमिकों के हित में नहीं है। उन्होंने इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठाई है।

Back to top button