इंदौर आबकारी की उल्लेखनीय उपलब्धि: सभी 173 दुकानें हुई नीलाम
पहली बार 2100 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन, पारदर्शिता एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण के विज़न के अनुरूप तथा कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में इंदौर आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 हेतु मदिरा दुकानों के निपटान की ई-टेंडर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है।
जिले में कुल 77 समूह (47 समूह एवं 30 एकल दुकानें) की 173 मदिरा दुकानों का शत-प्रतिशत निष्पादन करते हुए 2184.76 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया गया है, जो कि इंदौर जिले में अब तक का सर्वाधिक है।
राजस्व संबंधी प्रमुख उपलब्धियां-
वर्ष 2025-26 के 1752.02 करोड़ रुपए की तुलना में 432.73 करोड़ रुपए की वृद्धि (24.70%)
• वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्य ₹2102.42 करोड़ के विरुद्ध ₹82.33 करोड़ अधिक प्राप्त (3.92% अधिक)
प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताएं-
संपूर्ण प्रक्रिया ई-टेंडर एवं ई-टेंडर कम ऑक्शन के माध्यम से पारदर्शी रूप से संपन्न की गई।
चरणबद्ध एवं सुव्यवस्थित रणनीति के माध्यम से अधिकतम प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की गई। अंतिम चरणों में एकल दुकानों के माध्यम से शत-प्रतिशत निष्पादन किया गया।
उल्लेखनीय राजस्व वृद्धि वाले प्रमुख समूह-
▪️ स्कीम नं. 54 समूह – 36.34% वृद्धि
▪️ एम.आई.जी. समूह – 36.00% वृद्धि
▪️ एम.आर.-9 समूह – 38.54% वृद्धि
▪️ चंद्रगुप्त चौराहा (एम.आर.-10)– 37.13% वृद्धि
▪️ मांगलिया समूह – 25.94% वृद्धि
उल्लेखनीय उपलब्धि-
▪️ रेवती समूह में ₹20.98 करोड़ के विरुद्ध ₹32.10 करोड़ का ऑफर प्राप्त हुआ, जो लगभग 83.54% की वृद्धि है एवं जिले में उच्चतम वृद्धि के प्रमुख उदाहरणों में सम्मिलित है।
अन्य जिलों की तुलना में इंदौर का प्रदर्शन-
इंदौर जिले द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्त किया गया है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में लगभग ₹753 करोड़ का राजस्व अभी शेष है, जबकि इंदौर जिले में प्रभावी रणनीति एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण के माध्यम से सभी दुकानों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया गया है।
इस प्रकार इंदौर जिले ने अन्य जिलों की तुलना में बेहतर एवं अग्रणी प्रदर्शन करते हुए राजस्व प्राप्ति में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।



