बस खराब होने से यात्री को हुई परेशानी, उपभोक्ता आयोग ने ट्रेवल्स कंपनी पर लगाया जुर्माना

पुणे जाने निकली बस शिरडी में रुकी, वैकल्पिक व्यवस्था न देने पर यात्री को मिला मुआवजा और क्षतिपूर्ति
इंदौर। इंदौर से पुणे जा रही बस के बीच रास्ते में खराब हो जाने और यात्रियों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने का मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा। आयोग ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ट्रेवल्स कंपनी को टिकट राशि लौटाने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग क्रमांक-एक, इंदौर द्वारा परिवाद क्रमांक सी.सी./364/2021 में पारित आदेश के अनुसार परिवादी नुपुर चौधरी द्वारा इंदौर सिटी ट्रेवल्स के विरुद्ध प्रस्तुत परिवाद का निराकरण किया गया। प्रकरण में परिवादी की ओर से अधिवक्ता सुरेश कांगा ने पैरवी की। प्रकरण के अनुसार परिवादी ने 20 जनवरी 2021 को इंदौर से पुणे यात्रा हेतु बस टिकट आरक्षित कराया था।
यात्रा के दौरान बस के शिरडी पहुँचने पर तकनीकी कारणों से बस आगे नहीं जा सकी, जिसके परिणामस्वरूप परिवादी को वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में अतिरिक्त राशि व्यय कर अन्य बस से पुणे की यात्रा पूर्ण करनी पड़ी। परिवादी द्वारा इसे सेवा में कमी बताते हुए आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में प्रस्तुत अभिलेखों एवं साक्ष्यों के परीक्षण उपरांत आयोग ने पाया कि विपक्षी द्वारा यात्रियों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई तथा परिवादी को अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ा। आयोग ने इसे उपभोक्ता के प्रति सेवा में कमी माना।
आयोग ने अपने आदेश में विपक्षी इंदौर सिटी ट्रेवल्स को निर्देशित किया है कि वह परिवादी को बस टिकट की राशि 260 रुपये का भुगतान करे। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 5 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये का भुगतान आदेश प्राप्ति से 45 दिवस के भीतर किया जाए। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में आदेशानुसार देय राशि पर वार्षिक ब्याज भी देय होगा।




