इंदौर

Indore news बाल विवाह रोकने पहुंचे दल से पिता बोले हमारे समाज को 2 साल की छूट है

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बेटी के बालिग होने से 6 माह पहले हो गई थी शादी की तैयारी, टीम ने परिजनों को समझाकर विवाह को कराया निरस्त

इंदौर। हम जिस समाज से हैं उसे 2 साल पहले शादी करने की छूट है, हम कम उम्र में परंपरा के अनुसार शादी कर सकते हैं। जब अधिनियम की जानकारी दी तो परिवार 6 महीने छोटी बेटी का विवाह निरस्त करने को तैयार हो गया।

इंदौर के एक स्थान पर मंडप सज कर तैयार था। दुल्हन को हल्दी लग रही है और विवाह के गीत गाए जा रहे थे, तभी महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम शिकायत के आधार पर पहुंच गई और परिवार को यह विवाह निरस्त करने के लिए कहा। लड़की के पिता कहने लगे हमारी परंपरा के अनुसार समाज को छूट है कि हम 16 साल की उम्र में बेटी की शादी कर सकते हैं। जब इस तरह का कोई नियम शासन के किसी आदेश में होने की जानकारी उनसे चाही गई तो वे बगले झांकने लगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग शहरी परियोजना क्रमांक 6 की परियोजना अधिकारी चित्रा यादव, बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक, सदस्य संगीता सिंह चाइल्ड लाइन के फूलसिंह कारपेंटर ने परिजनों को समझाया। श्री पाठक ने बताया कि परीक्षण करने पर पता चला कि बेटी की उम्र 18 वर्ष होने में सिर्फ 6 महीने बाकी है। वर-वधू के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए कानून और सजा के प्रावधान के साथ ही उन्हें कम उम्र में बेटी की शादी करने से होने वाले नुकसान समझाएं।

लंबे समय तक चली बहस के बाद दोनों परिवार यह विवाह निरस्त कर सिर्फ आने वाले मेहमानों को भोजन कराने पर राजी हो गया। उनका कहना था कि खर्च हो गया है और आमंत्रण पत्र बंट गए हैं, मेहमान आएंगे तो उन्हें खाली नहीं लौटा सकते। इस पर उन्हें भोजन कराने की छूट दी गई है।

श्री पाठक ने बताया कि 19 अप्रैल को होने वाले विवाह के दिन वर वधु के यहां नजर रखी जाएगी। शपथ पत्र देने के बावजूद यदि विवाह किया जाता है तो उनके विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत करवाई की जाएगी। सुपरवाइजर हर्षा जेठवा, चाइल्ड लाइन के अमन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता फिरदौस कमली व सपना गहलोत भी शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बाल विवाह रोकथाम के लिए दल गठित किए गए हैं। कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही अनुभाग स्तर के दल उम्र का परीक्षण करेंगे, यदि कोई परिवार नहीं मानता तो जिला स्तर का दल जाकर पहले समझाइस देगा और नहीं मानने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिले में सतत जागरूकता अभियान पुलिस और प्रशासन के द्वारा चलाए जा रहा है।

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