उज्जैन

सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज: उज्जैन में भूजल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, जल सुरक्षा पर फोकस

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उज्जैन। आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन शहर में भूजल संसाधनों के वैज्ञानिक आकलन एवं सतत प्रबंधन के लिए केंद्रीय भूमिजल बोर्ड (CGWB), भोपाल, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक विशेष NAQUIM (National Aquifer Mapping and Management Programme) अध्ययन प्रारंभ किया जा रहा है।

इसी क्रम में शुक्रवार को मेला  कार्यालय में जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट की अध्यक्षता में एक अभिमुखीकरण कार्यशाला (Orientation Workshop) आयोजित की गई।

कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय भूमिजल बोर्ड, भोपाल द्वारा क्षेत्रीय निदेशक एके बिस्वाल के मार्गदर्शन में किया गया। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर निगम, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, मनरेगा, एमपीआईडीसी, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, जिला पंचायत एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यशाला में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा अध्ययन के लिए आवश्यक आंकड़े, मानचित्र एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।

बैठक में अध्ययन के उद्देश्यों, महत्व एवं कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। डॉ. राकेश सिंह ने सिंहस्थ 2028 के संदर्भ में भूजल प्रबंधन के महत्व तथा अध्ययन से उज्जैन जिले को होने वाले लाभों की जानकारी दी। भूजल दोहन हेतु केंद्रीय भूमिजल प्राधिकरण (CGWA) से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्राप्त करने की आवश्यकता एवं प्रावधानों पर प्रकाश डाला।

बैठक में सभी विभागों से अध्ययन के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक आंकड़े एवं सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। यह अध्ययन सिंहस्थ-2028 के दौरान जल सुरक्षा सुनिश्चित करने, भूजल संसाधनों के संरक्षण तथा उज्जैन में दीर्घकालिक जल प्रबंधन रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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