ज्वेलरी की दुकान से 50 हजार की पायजेब चुराने वाली महिलाएं गिरफ्तार

ऑपरेशन त्रिनेत्रम का कमाल, CCTV के फुटेज से मिली सफलता
ग्राहक बनकर आई थीं, लेकिन कैमरों की नजर से बच नहीं सकीं
देवास। जिले में चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्रम ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित कर दी। ज्वेलर्स की दुकान से चांदी की पायजेब चोरी करने वाली दो शातिर महिलाओं को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह रही कि आरोपी महिलाएं बड़ी चालाकी से ग्राहक बनकर आई थीं, लेकिन कैमरों की नजर से बच नहीं सकीं।
ग्राहक बनकर आईं, चोरी कर हुई फरार
घटना 17 फरवरी की है, जब उदयनगर स्थित कृष्णा ज्वेलर्स पर दो महिलाएं ग्राहक बनकर पहुंचीं। उन्होंने दुकानदार से चांदी की पायजेब दिखाने को कहा। इसी दौरान मौका पाकर उन्होंने लगभग 50 हजार रुपए कीमत की दो जोड़ी पायजेब पार कर दी और वहां से चुपचाप निकल गईं। दुकान संचालक सोम छापरिया ने जब माल चेक किया तो चोरी का खुलासा हुआ, जिसके बाद तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगे कैमरों में दोनों महिलाएं साफ दिखाई दीं दुकान में प्रवेश करते हुए और घटना के बाद निकलते हुए। फुटेज जांच की सबसे अहम कड़ी बना, जिससे पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई।

पुलिस टीम की सक्रियता से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरनारायण बाथम और एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के जरिए आरोपियों की पहचान कर ली।
3 अप्रैल को गिरफ्तारी, चोरी का माल बरामद
आखिरकार 3 अप्रैल को पुलिस ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से चोरी की गई चांदी की दो जोड़ी पायजेब भी बरामद कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपी:
गुड़ी बाई पति विजय सिंह सिसोदिया, निवासी भाड़ पिपलिया एवं कला बाई पति रमेश सिसोदिया, निवासी भाड़ पिपलिया (थाना बरोठा)
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह सोलंकी, उनि विजेंद्र सिंह सोलंकी, सउनि संजय कुमार निगम, महिला प्रधान आरक्षक कविता मुजाल्दे, पूनम, आरक्षक दीपक पटेल, महेंद्र, मनीष मीणा, केतन की विशेष भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और मेहनत से यह चोरी कुछ ही समय में सुलझ गई।




