धर्म-अध्यात्म

नवरात्रि में कन्या पूजन का अनूठा उदाहरण: 501 बालिकाओं के चरण पखार कर कराया भोजन

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कन्याओं को भोजन करवाना, चरण धोना एक परंपरा नहीं बल्कि नारी शक्ति का सम्मान है- समाजसेविका प्रज्ञा शुक्ला

देवास। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां चामुंडा सेवा समिति द्वारा सेवा और श्रद्धा का भावपूर्ण आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को मातृशक्ति ने 501 कन्याओं के चरण धोकर उनका पूजन किया और भोजन कराया।

इस अवसर पर समाजसेविका प्रज्ञा शुक्ला ने कन्या पूजन को नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक बताते हुए श्रद्धा और सम्मान के साथ इस परंपरा को निभाने का संदेश दिया।

नवरात्रि पर मां के दर्शनार्थ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। श्रद्धालुओं की सेवा में मां चामुंडा सेवा समिति ने सीढ़ी मार्ग उदासीन मठ पर ठंडी फरियाली छाछ का सेवा पंडाल लगाया है। रामेश्वर जलोदिया ने बताया, कि प्रतिदिन यज्ञ-हवन के बाद कन्या भोज का आयोजन किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी के सानिध्य व समाजसेविका प्रज्ञा शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में समिति की मातृशक्ति द्वारा शुक्रवार को 501 कन्याओं के चरण धोकर व आरती कर भोजन कराया गया।

इस दौरान समाजसेविका प्रज्ञा शुक्ला ने कहा, कि नवरात्रि में सब कन्या पूजन करते हैं। मान्यता है, कन्याओं में माता दुर्गा का स्वरूप बसता है। जब हम उनकी पूजा करते हैं, तो हम सीधे माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। शास्त्रों के अनुसार 2 से 10 साल तक की कन्याएं माता के अलग-अलग स्वरूपों का प्रतीक मानी जाती है, इसलिए कन्याओं को भोजन कराना, उनके चरण धोना और सम्मान देना सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि नारी शक्ति का सम्मान है। नवरात्रि में जब आप कन्या पूजन करें तो पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ करें, क्योंकि यही सच्ची भक्ति है।

मां चामुंडा सेवा समिति की मातृशक्ति मंजू जलोदिया, प्रेमलता चौहान, देव कुंवर राठौड़, ललिता सांवलिया, शारदा गौड़, सुधा सोलंकी, संगीता जोशी, कला तंवर, कला अग्रवाल, दुर्गा व्यास, बैंक नोट प्रेस के मुख्य महाप्रबंधक केदारनाथ महापात्रा, महाप्रबंधक अभिराजसिंह ठाकुर, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सीनियर कमांडेंट संदीप कुमार एस, समिति पदाधिकारी रामेश्वर जलोदिया, नरेंद्र मिश्रा, समिति के अध्यक्ष प्रतापसिंह मेहता, उम्मेदसिंह राठौड़, एसके सोनी नारायण व्यास, दिनेश सांवलिया, शशिकांत गुप्ता, राजेश गोस्वामी, प्रदीप लाठी, अवधेश तिवारी सहित समिति के समस्त पदाधिकारी, श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं।

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