गेहूं के भाव में 200-300 रुपए की गिरावट से भड़के किसान
- देवास कृषि मंडी में नीलामी रुकवाई, गेट पर धरना देकर जताया आक्रोश

देवास। कृषि उपज मंडी में सोमवार को गेहूं के भाव में अचानक 200-300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट होने से किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। देवास सहित आसपास के जिलों से गेहूं बेचने आए किसानों ने कम भाव और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर नीलामी बंद करवा दी और मंडी गेट पर धरना देकर विरोध जताया। बाद में तहसीलदार सपना शर्मा के पहुंचने और मंडी प्रबंधन की समझाइश के बाद नीलामी दोबारा शुरू हो सकी।
देवास कृषि उपज मंडी में इन दिनों गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जब मंडी में नीलामी शुरू हुई तो गेहूं के भाव 2100 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक लगाए गए। भाव में अचानक आई गिरावट से किसानों में गुस्सा बढ़ गया। किसानों का कहना था कि पिछले सप्ताह तक यही गेहूं 2700 से 2800 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था, लेकिन अब भाव कम कर दिए गए हैं। भाव को लेकर नाराज किसानों ने मंडी प्रबंधन से शिकायत की और कुछ ही देर में नीलामी बंद करवा दी। किसान मंडी गेट पर पहुंचे व धरना देकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर तहसीलदार सपना शर्मा भी मौके पर पहुंचीं और किसानों को समझाइश दी। काफी मशक्कत के बाद नीलामी फिर से शुरू हो सकी।
रणायर कला के किसान दीपक ने कहा कि हमने चार महीने गेहूं की फसल में पानी फेरा है और मेहनत की है, तब जाकर उपज हुई है। अब 2200 रुपए क्विंटल में खरीद रहे हैं तो किसान के पास क्या बच रहा है। हम तो दो हजार रुपए गाड़ी भाड़ा देकर मंडी तक आए हैं।
भानगढ़ से आए किसान मनोज पटेल ने बताया कि मैं एक ट्रॉली गेहूं लेकर आया हूं। जो गेहूं चार-पांच दिन पहले 2800 रुपए में बिक गया था, वही आज 2250 रुपए में बिक रहा है।
सामान खरीदने के लिए रुपए चाहिए-
जमोनिया के किसान भीम पटेल ने कहा कि मंडी में 2100-2200 रुपए के भाव लगाए जा रहे हैं। हमने गेट पर धरना दिया तो कहा गया कि नीलामी शुरू करवा दो अच्छा भाव दिलाएंगे, लेकिन फिर से 2100-2200 रुपए के ही भाव लग गए। उन्होंने बताया कि अब आरटीजीएस से भुगतान की बात कही जा रही है, जबकि हमें तो सोसायटी में रुपए जमा करना है।
बोरखेड़ी के किसान धरमलाल ने कहा कि मेरे घर पर बहन की शादी है, सामान खरीदना है और सोसायटी का भुगतान भी करना है। चार दिन पहले लोकवन गेहूं 2800 रुपए में बिक रहा था, वही आज 2240 रुपए में बिका। वहीं पूर्णा गेहूं 2260 रुपए में बिका।

रालामंडल आगरोद के किसान मनोहरसिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले गेहूं के भाव 2800 रुपए तक मिल रहे थे, लेकिन अब 2100–2200 रुपए ही मिल रहे हैं। इसके साथ ही किसानों को नगद भुगतान भी नहीं दिया जा रहा है।
नगद भुगतान को लेकर भी समस्या-
ग्राम लोहाना के किसान गोविंदसिंह ने बताया कि मैं 40 क्विंटल गेहूं लेकर आया था, लेकिन 2100-2200 रुपए से ज्यादा भाव नहीं मिल रहे हैं। ग्राम बगाना के लोकेंद्रसिंह सोलंकी ने कहा कि किसानों को उचित भाव नहीं मिल रहा है और नगद भुगतान को लेकर भी समस्या है।
भाव को लेकर पारदर्शिता बरती जाएं-
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री शेखर पटेल ने कहा कि मंडी में किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाव को लेकर पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। शाम को हमने मंडी प्रशासन व व्यापारियों की मीटिंग में भी किसान हित में आवाज उठाई है।
हम किसान हित में कार्य कर रहे हैं-
मामले में मंडी सचिव अरविंद परिहार ने बताया कि बैंक ने व्यापारियों को नगद भुगतान देना कम कर दिया है। व्यापारियों का कहना था कि वे 30 क्विंटल तक के माल का नगद भुगतान कर देंगे और बड़े कास्तकारों को आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान करेंगे। किसानों की मांग थी कि नगद भुगतान ही किया जाए। उन्होंने बताया कि दूसरी समस्या भाव को लेकर थी। शनिवार से गेहूं के भाव कुछ कम हुए हैं। हमने किसानों को समझाया कि हम सामने खड़े होकर नीलामी करवा सकते हैं, इसके बाद नीलामी फिर से शुरू करवाई गई। सचिव ने बताया कि भाव कम होने का कारण गेहूं में अधिक नमी होना है। किसान मेरे लिए भगवान के समान हैं और हम किसान हित में ही निरंतर कार्य कर रहे हैं।




