कलेक्टर ऋतुराज सिंह का औचक निरीक्षण, गेहूं उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

– शासन की प्राथमिकता किसानों का हित, उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए – कलेक्टर श्री सिंह
– किसानों से पैसे लेने की शिकायत पर होगी कड़ी कार्रवाई
– उपार्जित गेहूं की गुणवत्ता एवं बोरियों के वजन की जांच कर तौल कांटा, पानी, छांव एवं बैठक व्यवस्था के संबंध में दिए आवश्यक दिशा निर्देश
देवास। जिले में राज्य शासन के निर्देशानुसार पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 + बोनस 40 रूपये प्रति क्विंटल कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से जिले में स्थापित 136 गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर गेहूं उपार्जन का कार्य किया जा रहा है।
सीएम डॉ. मोहन यादव का कतरगांव उपार्जन केंद्र पर औचक निरीक्षण भी चर्चा में रहा, जहां उन्होंने किसानों के साथ चाय पीकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
गुरुवार को कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सेवा सहकारी समिति सोनकच्छ एवं संवरसी द्वारा संचालित गेहूं उपार्जन केन्द्र देवास वेयरहाउस जामगोद, सेवा सहकारी समिति बोलासा द्वारा संचालित केन्द्र बीआर वेयरहाउस, नेवरी फाटा एवं विपणन सहकारी समिति सोनकच्छ द्वारा संचालित केन्द्र अन्नपूर्णा वेयरहाउस नेवरी फाटा का निरीक्षण किया।
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कलेक्टर श्री सिंह ने बिलिंग कॉउटंर, मौके पर उपार्जित किये जा रहे गेहूं की गुणवत्ता एवं तौल की जा रही बोरियों के वजन की जांच की। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि तौल की जा रही बोरियों पर संबंधित किसान कोड का टैग अनिवार्य रूप से लगाए। गेहूं उपार्जन के लिए आए किसानों का गेहूं शीघ्र तुल सके इसलिए उन्होंने उपार्जन केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में तौल कांटों की व्यवस्था संबंधी निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
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कलेक्टर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पानी, छाव एवं बैठक व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि शासन की प्राथमिकता किसानों का हित है। गेहू्ं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों से किसी भी प्रकार से पैसे लेने संबंधी शिकायत आने पर संबंधित पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर श्री सिंह मौके पर उपस्थित किसानों से चर्चा की। उपार्जन केन्द्र पर व्यवस्थाओं के संबंध में पूछे जाने पर उपस्थित किसानों ने बताया कि, उपार्जन केन्द्र पर पीने के पानी, बैठने के लिये छाव एवं शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। उपार्जन केन्द्र की व्यवस्थाओं के संबंध में किसानों ने संतुष्टि व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान जिला आपूर्ति अधिकारी दिनेश अहिरवार, जिला प्रबंधक एमपीडब्ल्यूएलसी प्रताप सिंह भूरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जिले अब तक गेहूं उपार्जन के लिए कुल पंजीकृत किसान संख्या 77 हजार 335 में से 44 हजार 238 किसानों द्वारा स्लॉट बुक किया गया है, जिनमें से 28 हजार 855 किसानों द्वारा अपनी उपज गेहूं उपार्जन केन्द्रों पर लाकर विक्रय की गई है। 28 हजार 855 किसानों से कुल 01 लाख 31 हजार 167 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। उपार्जित गेहूं की भुगतान योग्य राशि के विरूद्ध लगभग 214 करोड़ रुपए के ईपीओ प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 170.86 करोड रुपए का सफल भुगतान किसानों के आधार लिंक खाते में किया जा चुका है। भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है। किसानों की सुविधा के लिए जिले में संचालित सभी उपार्जन केंद्रों पर प्रतिदिन 2250 क्विंटल गेहूं की खरीदी करने की व्यवस्था की गई है।
ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुक करने की अवधि को 23 मई 2026 तक बढ़ाई गई है। जिले के किसान अपनी सुविधा अनुसार दिनांक एवं उपार्जन केन्द्र का चयन कर गेहूं उपार्जन के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुक कर समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कर सकते हैं।
कलेक्टर श्री सिंह ने निरीक्षण के दौरान नेवरी फाटे पर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही करने के निर्देश सोनकच्छ एसडीएम को दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने इस दौरान पटवारी द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं पर कोई कार्यवाही करने पर संबंधित पटवारी और सचिव पर भी कार्रवाई करने के निर्देश सोनकच्छ एसडीएम को दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिक्रमण को शीघ्र हटवाए।




