खेत-खलियान

लहसुन के दाम धड़ाम: 20 हजार का बीज, मंडी में 3000 भाव, किसान बोले, लागत निकालना भी मुश्किल

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बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। क्षेत्र के किसान इस वर्ष आलू के बाद अब लहसुन की फसल में भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

करीब 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बीज खरीदकर बोई गई लहसुन इस समय मंडियों में 3000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही है। वहीं उत्पादन भी पिछले साल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक कम बताया जा रहा है। ऐसे में किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।

किसानों का कहना है कि पिछले करीब 20 वर्षों में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है जब कंद फसलों में शामिल आलू और लहसुन दोनों ही फसलों में उन्हें उचित मुनाफा नहीं मिल पा रहा है। बागली क्षेत्र की “सफेद सोना” कही जाने वाली लहसुन फसल इस वर्ष क्षेत्र के करीब 70 प्रतिशत किसानों के खेतों में पककर तैयार है।

आर्थिक तंगी के कारण कई किसान फसल निकालकर तुरंत मंडी भेजने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया बीज अब बाजार में न्यूनतम 3000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।

महिला कृषक नेहा गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने दो बीघा खेत में 4 क्विंटल लहसुन का बीज लगाया था, जिससे करीब 25 से 27 क्विंटल उत्पादन होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस फसल में करीब एक लाख रुपए की लागत आई है, लेकिन वर्तमान भाव में इतनी राशि भी निकलना मुश्किल लग रहा है। उनका कहना है कि यदि लहसुन का भाव कम से कम 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल रहे तो ही लागत और मुनाफा निकल सकता है।

मौसम की मार और अप्रमाणित बीज भी कारण-
उज्जैन संभाग के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक अशोक कुमार दीक्षित के अनुसार इस वर्ष उत्पादन कम होने के पीछे कई कारण हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश किसान एक ही प्रकार की लहसुन किस्म को बार-बार बीज के रूप में उपयोग करते हैं, जबकि बाजार में अधिक उत्पादन देने वाले प्रमाणित बीज भी उपलब्ध हैं। बीजों में बदलाव करने से उत्पादन बढ़ सकता है। इसके साथ ही इस वर्ष मौसम भी कंद फसलों के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं रहा, जिससे उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है।

निर्यात में कमी से दबे भाव-
मंदसौर मंडी से जुड़े व्यापारी दीपेश जैन ने बताया कि इस बार दक्षिण भारत में निर्यात कम होने के कारण लहसुन के भाव 5000 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे चल रहे हैं। मंडियों में पुराना स्टॉक अधिक होने से भी कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। पुरानी लहसुन तो कई जगह 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रही है।

कुल मिलाकर इस वर्ष लहसुन के कम उत्पादन और गिरते बाजार भाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे उन्हें फसल का उचित लाभ मिलने की उम्मीद फिलहाल कम नजर आ रही है।

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