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14 मार्च को नेशनल लोक अदालत: प्रधान जिला न्यायाधीश श्री मिश्र ने ली तैयारियों की समीक्षा बैठक

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– अधिकाधिक प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य

– बिना व्यय प्रकरणों के त्वरित निराकरण का अवसर

देवास। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार  14 मार्च को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजय प्रकाश मिश्र ने जिला अभिभाषक संघ देवास में अधिवक्तागणों के साथ बैठक आयोजित की।

बैठक में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मिश्र ने अधिववक्तागणों को संबोधित करते हुए कहा, कि नेशनल लोक अदालत में न्यायालय के साथ-साथ अधिवक्तागण का भी विशेष सहयोग एवं भूमिका रहती है, कि वह पक्षकारों को नेशनल लोक अदालत में राजीनामा हेतु प्रेरित कर सकते हैं। साथ ही नेशनल लोक अदालत में अधिकाशतः मामले जैसे मोटर दुर्घटना दावा, राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, धारा 138 चैंक बाउंस, एवं वैवाहिक मामलों में विशेष रूप से राजीनामा की संभावना अधिक रहती है।
बैठक में विशेष न्यायाधीश/प्रभारी नेशनल लोक अदालत, विकास शर्मा, उमाशंकर अग्रवाल प्रथम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, अभिषेक गौड़ पंचम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, राजेन्द्र कुमार पाटीदार तृतीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, उत्तम कुमार डार्बी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, प्रसन्नसिंह बहरावत चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, डॉ. रविकांत सोलंकी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, भारतसिंह कनेल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीलेन्द्र कुमार तिवारी व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड, कुंवर युवराज सिंह पंचम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड देवास, निकिता वार्ष्णेय पाण्डे षष्टम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड देवास, प्रियांशु पाण्डे सप्तम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड देवास, सौरभ जैन अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड देवास, चंद्रा पंवार पंचम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड देवास, सुभाष चौधरी जिला विधिक सहायता अधिकारी देवास एवं अशोक वर्मा अध्यक्ष जिला अभिभाषक संघ सहित अन्य पदाधिकारीगण एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों एवं प्रिलिटिगेशन प्रकरणों एवं बैंक रिकवरी के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार विशेष छूट दी जाएगी।

इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश अजय प्रकाश मिश्र ने अधिवक्तागणों से अपील की कि अधिवक्तागण विशेष रूप से रूचि लेकर नेशनल लोक अदालत में पक्षकारों को समझाईश दे कि राजीनामा के आधार पर मामले का शीघ्र और बिना किसी व्यय के निराकरण होता है और पक्षकारों के बीच प्रेम और स्नेह बना रहता है। पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष की लोक अदालतों में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण कराया जाए। नेशनल लोक अदालत में सिविल एवं चैक अनादरण से संबंधित प्रकरणों में न्यायशुल्क की राशि की नियमानुसार वापसी होती है जिससे पक्षकारों को अतिरिक्त लाभ होता है। अतः अधिक से अधिक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठाएं।

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