राम कथा हमें सेवा, त्याग और करुणा का मार्ग दिखाती है- आचार्य देवराज शर्मा

राम जन्म उत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
देवास। राम जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि घर-परिवार और समाज में धर्म, संस्कार और मानवीय मूल्यों के जन्म का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का अवतरण हमें यह संदेश देता है कि जिनके पास सामर्थ्य है, उनका कर्तव्य है कि वे जरूरतमंदों के जीवन में आशा और सहारा बनें।
यह प्रेरक संदेश श्री सूर्य विजय हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के तृतीय दिवस कथावाचक आचार्य पं. देवराज शर्मा ने दिया। आचार्य श्री शर्मा ने राम जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और प्रभावशाली वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम की कथा समाज को जोड़ने वाली कथा है। उन्होंने राम जन्म की बधाई के रूप में सभी श्रद्धालुओं से यह संकल्प भी कराया कि वे इस वर्ष ठंड के मौसम में अपने समाज के किसी निर्धन बच्चे को स्वेटर दान अवश्य करेंगे। उन्होंने कहा कि राम कथा हमें सेवा, त्याग और करुणा का मार्ग दिखाती है, ताकि समाज में समरसता और संवेदनशीलता बनी रहे।

राम जन्म उत्सव के प्रसंग के दौरान जैसे ही प्रभु श्रीराम के अवतरण का वर्णन हुआ, पूरा कथा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। भक्ति से जुड़े सुमधुर भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों के साथ श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और कई भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं। कथा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। महिला मंडल द्वारा आयोजित यह श्रीराम कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक हो रही है। कथा का समापन 22 जनवरी को होगा। जानकारी देते हुए विनिता व्यास ने बताया कि प्रतिदिन कथा स्थल पर भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है और राम भक्ति का यह उत्सव पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है।




