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कन्या जन्म पर उत्सव, शिक्षा प्रोत्साहन और मितव्ययता पर बड़ा फैसला

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प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध रहेगा जारी, माहेश्वरी महासभा ने जोधपुर बैठक में लिए दूरगामी फैसले

देश-विदेश से आए लगभग 40 हजार समाजजन हुए शामिल

जोधपुर। जोधपुर में आयोजित अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा की कार्य समिति एवं कार्यकारी मंडल की बैठक में समाज को सशक्त, शिक्षित और समरस बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण सामाजिक निर्णय लिए गए। कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने से लेकर शिक्षा, जनसंख्या संतुलन और युवाओं की सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए।

रात्रि बैठक में लिए गए समाजहित के निर्णय
महासभा के कार्यकारी मंडल सदस्य नरेंद्र छापरवाल ने बताया कि अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा की कार्य समिति एवं कार्यकारी मंडल की बैठक 10 जनवरी को रात्रि 9:30 बजे राजस्थान के जोधपुर शहर में राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काबरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से आए समाज प्रतिनिधियों ने भाग लिया और समाज के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कन्या जन्म को उत्सव बनाने का संकल्प
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज में कन्या के जन्म को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, ताकि बालिका सम्मान और लिंग समानता को और अधिक मजबूती मिले। इसे समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम माना गया।

शिक्षा को बढ़ावा देने प्रतिभा प्रोत्साहन योजना
उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत को देखते हुए माहेश्वरी प्रतिभा प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना के माध्यम से समाज के होनहार विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे आर्थिक कारणों से कोई भी प्रतिभा पीछे न रह जाए।

जननी सम्मान निधि
बैठक में तीसरी संतान के जन्म पर जनसंख्या संतुलन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘जननी सम्मान निधि’ शगुन के रूप में देने का निर्णय भी लिया गया। इसके माध्यम से समाज को जिम्मेदार पारिवारिक मूल्यों की ओर प्रेरित किया जाएगा।

प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध यथावत
समाज में बढ़ती दिखावटी संस्कृति पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से प्री-वेडिंग शूट पर पूर्व से जारी प्रतिबंध को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। महासभा ने इसे सामाजिक मितव्ययता और संस्कारों की रक्षा से जोड़कर देखा।

युवा और किशोरों को संगठन से जोड़ने की पहल
युवा एवं युवतियों की सामाजिक संगठनों से बढ़ती दूरी को रोकने के लिए 12 से 18 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों के लिए अलग संगठन निर्माण का निर्णय लिया गया। कार्यक्रमों के लिए स्थानीय समाज का सहयोग लिया जाएगा।

2047 तक विकसित समाज का लक्ष्य
वर्ष 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने पर माहेश्वरी समाज के प्रत्येक व्यक्ति को विकसित श्रेणी में लाने का लक्ष्य तय किया गया। इस विषय पर विस्तृत चर्चा कर समाज को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की रूपरेखा तय की गई।

सामाजिक भवनों में मितव्ययी बैठकों का प्रस्ताव
महासभा के कार्यकारी मंडल सदस्य नरेंद्र छापरवाल ने बैठक प्रारंभ होने से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काबरा से मुलाकात कर नगर एवं जिला स्तर के समाज संगठनों की बैठकें सामाजिक भवनों में मितव्ययता से आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। अध्यक्ष काबरा ने इसे स्वीकार करते हुए महासभा में प्रस्तुत किया, जिसे चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

600 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता
महासभा की इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के निर्णयों को समाज के लिए दिशा देने वाला बताया गया।

अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन में उमड़ा सैलाब
उल्लेखनीय है कि 9, 10 एवं 11 जनवरी को जोधपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी महासम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए लगभग 40 हजार समाजजनों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को भव्य रूप दिया।

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राष्ट्रीय नेतृत्व ने की समाज की सराहना
महासम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित अनेक राष्ट्रीय हस्तियों ने उपस्थित समाजजनों को संबोधित किया और माहेश्वरी समाज द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की खुलकर प्रशंसा की।

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