घना कोहरा बना आफत, सर्दी के साथ थमी रफ्तार

ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ी, सड़कों पर सावधानी जरूरी
नई दिल्ली। इन दिनों मौसम में कड़ाके की ठंड का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत सहित देश के कई राज्यों में सुबह देर तक घना कोहरा छाया रहता है। कोहरे के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं लंबी दूरी की कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं।
कोहरे से परिवहन व्यवस्था प्रभावित
घने कोहरे के चलते हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। दृश्यता कई स्थानों पर 10 से 50 मीटर तक सिमट गई है। रेलवे संचालन भी प्रभावित हुआ है। कोहरे के कारण ट्रेनों की गति नियंत्रित करनी पड़ रही है, जिससे यात्रियों को देरी और असुविधा झेलनी पड़ रही है।
कोहरे का कारण क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सर्दियों में तापमान गिरने के साथ वातावरण में नमी बढ़ जाती है। जब रात के समय धरती तेजी से ठंडी होती है और हवा शांत रहती है, तब हवा में मौजूद जलवाष्प संघनित होकर सूक्ष्म जलकणों में बदल जाती है। यही जलकण मिलकर कोहरे का रूप लेते हैं। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाएं भी कोहरे को घना बनाने में भूमिका निभाती हैं।
वाहन चलाते समय रखें ये सावधानियां-
कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बेहद जरूरी है।
– वाहन की गति धीमी रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
– फॉग लाइट या लो बीम हेडलाइट का उपयोग करें, हाई बीम से बचें।
– आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
– सड़क किनारे खड़े वाहनों, डिवाइडर और संकेतकों पर ध्यान दें।
– कोहरा अधिक घना हो तो सुरक्षित स्थान पर रुकना ही बेहतर है।
यात्रियों के लिए सलाह-
ट्रेन यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। वहीं सड़क यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त समय लेकर निकलना चाहिए।
कुल मिलाकर कड़ाके की ठंड और घना कोहरा आमजन की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।




