देवास के खिलाड़ियों ने रचा स्वर्णिम इतिहास

राष्ट्रीय रोलर बास्केटबॉल व स्पीड स्केटिंग में किंग जॉर्ज स्कूल को गोल्ड मेडल
देवास। मेहनत, अनुशासन और लगन अगर सही दिशा में हो, तो सफलता खुद कदम चूमती है। देवास के किंग जॉर्ज स्कूल के होनहार खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर न सिर्फ अपने विद्यालय, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। पंजाब के मोहाली में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती।
मोहाली (पंजाब) में 24 और 25 दिसंबर को यूनाइटेड रोलर स्पोर्ट्स, ढेलपुर में आयोजित 9वीं रोलर बास्केटबॉल राष्ट्रीय प्रतियोगिता एवं ओपन स्पीड स्केटिंग प्रतियोगिता में किंग जॉर्ज स्कूल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। विद्यालय की संचालिका अलका कनौजिया ने बताया कि जूनियर वर्ग में हरिप्रिया यादव और ध्रुव चौहान ने मध्यप्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। वहीं पीयूष राठौर, अंशुमान चौहान और प्रिंस देतलिया ने मध्यप्रदेश टीम के साथ खेलते हुए कांस्य पदक अर्जित किया। अंडर-11 वर्ग में अथर्व शर्मा ने भी शानदार खेल दिखाते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
स्पीड स्केटिंग में भी दमदार प्रदर्शन
कोच विशाल सिंह ने जानकारी दी कि स्पीड स्केटिंग प्रतियोगिता में हरिप्रिया यादव ने 250 मीटर और 500 मीटर रेस में स्वर्ण पदक, जबकि ध्रुव चौहान ने 250 मीटर और 500 मीटर में रजत पदक प्राप्त किया। अंशुमान चौहान ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर टीम की सफलता में योगदान दिया। इसके अलावा अथर्व शर्मा और प्रिंस देतलिया का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।
खिलाड़ियों की मेहनत को मिली पहचान
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर विद्यालय के स्पोर्ट्स इंचार्ज राजेश सोलंकी, कोच विशाल सिंह, प्राचार्य सुनीता शर्मा सहित समस्त स्टाफ ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अन्य विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा
किंग जॉर्ज स्कूल के खिलाड़ियों की यह सफलता न सिर्फ खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि आगे भी विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जाता रहेगा, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेल के मैदान में भी नई ऊंचाइयां छू सकें।




