धर्म-अध्यात्म

समय, शरीर और सत्ता का सदुपयोग ही सच्ची भक्ति- पं. नागेश्वर शर्मा

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श्रीमद् भागवत कथा में धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

देवास/शिप्रा। श्रीमद् संगीतमय भागवत कथा का आयोजन सुकल्या, क्षिप्रा में भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में जारी है। कथा के चतुर्थ दिवस श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भक्तों ने रंग-गुलाल उड़ाए, हल्दी लगाई एवं माखन मटकी फोड़कर श्रीकृष्ण जन्म उत्सव मनाया। समस्त श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर भक्ति में लीन नजर आए, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। कथा प्रवक्ता पं. नागेश्वर शर्मा (धूलमहूं, उज्जैन) ने कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपने दिन की शुरुआत माता-पिता एवं गुरु को प्रणाम करके करते थे, जबकि आज के समय में लोग सुबह उठते ही मोबाइल देखने लगते हैं। उन्होंने कहा कि मानव को अपने दिन की शुरुआत माता-पिता, गुरु एवं भगवान को प्रणाम करके करनी चाहिए।

पंडित नागेश्वर शर्मा ने आगे कहा कि जीवन में प्रत्येक मानव को ईश्वर द्वारा तीन अमूल्य चीजें—समय, शरीर और सत्ता प्राप्त होती हैं, जिनका सदुपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अच्छा समय मिलने पर उसका सदुपयोग करें, शरीर स्वस्थ हो तो तीर्थ यात्रा, मंदिर दर्शन व सेवा कार्य करें तथा जब तक घर की चाबी यानी सत्ता अपने हाथ में हो, तब तक धार्मिक आयोजन, संत सेवा, गरीबों की सहायता, गौसेवा एवं मंदिर निर्माण जैसे पुण्य कार्य अवश्य करें। समय, शरीर और सत्ता का सदुपयोग ही सच्ची मानवता और भक्त की पहचान है।

गांव के वरिष्ठ समाजसेवी गौरीशंकर चौधरी ने अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं से कथा श्रवण करने का आग्रह किया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से ओतप्रोत रहा।

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