धर्म-अध्यात्म

भारत बचेगा तो विश्व बचेगा- इंद्रसिंह नागर

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(विजेंद्रसिंह ठाकुर)
टोंकखुर्द। भारतीय संस्कृति मंगलमय विश्व का आधार है। भारत बचेगा तो विश्व बचेगा और भारत ही नहीं बचेगा तो विश्व भी नहीं बचेगा।

इस धरती पर कई आताताई आये, आक्रमण किये, जुल्म किये, लूटपाट की। यह सिलसिला एक हजार साल तक चलता रहा। उस काल में कई राष्ट्र समाप्त हो गए लेकिन भारत और भारतीय संस्कृति आज भी यथावत है। इसमें साधु-संतों की भूमिका अहम थी। आध्यात्म ने, राम नाम ने लोगों को बचाया।

ये विचार ग्राम इकलेरा माताजी में आयोजित राम नाम सत्संग में श्रीराम शरणम् देवास से आए इंद्रसिंह नागर भाईजी ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा राष्ट्र सर्वोपरि है। वर्तमान में धर्म समाज और राष्ट्र संक्रमण काल से गुजर रहे हैं। यह एक होकर चलने का समय है। सबको साथ लेकर चलने का समय है। मध्यकाल में राजा-महाराजा एक नहीं हो पाए, समाज भी जाति संप्रदायों में बंटा हुआ था। उस समय सब राष्ट्रवादी होते, एक होते तो परिणाम कुछ और होते। इसलिए समाज को अध्यात्म की बहुत जरूरत है। गीता-महाभारत जय ग्रंथ है।

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युवाओं को पढ़ना चाहिए। जितना प्रेम भगवान राम से, भगवान कृष्ण से करते हैं उतना ही प्रेम हम राष्ट्र से करें। मोबाइल एक साधन है इसका सदुपयोग करें ।दिनचर्या अच्छी रखें अपने धर्म में मर जाना अच्छा है लेकिन परधर्म भयावह है।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक महेश पाटिल ने आभार माना। श्रीराम शरणम् के प्रदेश प्रचारक डॉक्टर सुरेश गुर्जर उपस्थित थे।

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