धर्म-अध्यात्म

ईश्वर के प्रति विश्वास एवं भक्ति ही मोक्ष का  मार्ग है- स्वामी रामनारायण जी 

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देवास। जिस प्रकार नाविक के बिना नाव समुद्र में रास्ता भटक जाती है, उसी प्रकार ईश्वर के प्रति विश्वास एवं भक्ति से ही व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है अन्यथा भक्ति और विश्वास के अभाव में व्यक्ति संसार में भटकता रहता है।
यह विचार चातुर्मास सत्संग के अंतर्गत श्रीराम द्वारा में चल रही भागवत कथा में स्वामी रामनारायण जी ने प्रकट किए।
उन्होंने कहा, कि राजा परीक्षित के द्वारा पूछे गए संसार के दुख का कारण एवं अन्य कर्म फल का निराकरण करते हुए शुकदेव मुनि ने कहा कि संसार में व्यक्ति अपने सत्कर्मों से, गुरु के आशीर्वाद से, ईश्वर की भक्ति से मोक्ष प्राप्त कर लेता है। इसलिए व्यक्ति को अपने  कर्तव्य का पालन करते हुए भक्ति मार्ग पर चलना चाहिए।
राम स्नेही सत्संग मंडल द्वारा सुमधुर भजन प्रस्तुत किए गए। बुधवार को डोल ग्यारस पर्व के अवसर पर रामद्वारे का डोल निकाला गया। भक्तजनों ने जगह-जगह आरती उतारकर दर्शन लाभ लिया। भागवत कथा के अंतर्गत गुरुवार को वामन जयंती एवं शुक्रवार को कृष्ण जन्म उत्सव मनाया जाएगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक रखा गया है।
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