धर्म-अध्यात्म

500 वर्षों की परंपरा, खेड़ा देव की सामूहिक पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब

Share

 

 

बेहरी में नवनिर्मित हनुमान मंदिर पर हुआ अभिषेक

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। कभी रियासतों का हिस्सा रहा बेहरी गांव आज भी अपनी सैकड़ों साल पुरानी परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है।

आधुनिकता की दौड़ में जहां गांवों की सांस्कृतिक जड़ें हिलती जा रही हैं, वहीं बेहरी जैसे रियासतकालीन गांव आज भी अपनी सांस्कृतिक पहचान, सामूहिकता और परंपरा के मान को पूरी आस्था के साथ निभा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव की बसावट 500 वर्ष से भी अधिक पुरानी मानी है और तब से ही क्षेत्र में खेड़ा देव की पूजा की यह परंपरा जारी है।

ग्रामवासियों का मानना है कि क्षेत्र की समृद्धि, कृषि उन्नति और सामाजिक सुख-शांति के लिए खेड़ा देव की सामूहिक पूजा सदियों से होती आई है।

इसी कड़ी में मंगलवार को नवनिर्मित खेड़ापति हनुमान मंदिर पर पूरे गांव ने एकजुट होकर आस्था के साथ हनुमान जी का अभिषेक किया। इस अवसर पर क्षेत्र के सभी मंदिरों और देवस्थानों पर पूजा अर्चना की गई और ध्वजाएं चढ़ाई गईं।

सामूहिक उत्सव के रूप में आयोजित इस परंपरा में न केवल धार्मिक भावना जुड़ी हुई है, बल्कि यह गांव की एकता, समर्पण और साझी विरासत का प्रतीक भी है। खास बात यह रही कि इस वर्ष क्षेत्र में फसल की स्थिति भी बेहतर बताई जा रही है, जिससे किसान प्रसन्न दिखे और समृद्धि की मंगल कामनाएं की गईं।

 pujan

ग्रामीणों ने बताया कि बेहरी पहले होलकर रियासत के अधीन ‘बेहरी जागीरी’ के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज था। यहां कई पीढ़ियों से परिवार खेती-किसानी और मवेशी पालन करते आ रहे हैं। भले ही अब युवा पीढ़ी उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश में कार्यरत हो, लेकिन गांव से जुड़ाव आज भी बरकरार है। परंपराओं में उनकी सहभागिता यह दर्शाती है कि संस्कारों की जड़ें समय से नहीं, भावना से जुड़ी होती हैं।

इस ऐतिहासिक आयोजन में वरिष्ठ ग्रामीण रामरतन पटेल, अंतिम उपाध्याय, हरिश उपाध्याय, शिवनारायण वर्मा, रतनलाल बरेडिया, हुकमसिंह बरेडिया, शिवनारायण विश्वकर्मा, भोजराज पाटीदार, कन्हैयालाल बागवान, आनंदीलाल पाटीदार, शिवनारायण पटेल, रामचंद्र बागवान, कुंवर पाटीदार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

सभी ने कहा कि बेहरी की पहचान सिर्फ एक गांव के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक के रूप में होती रही है और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।

Back to top button