अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में इफ्को ने किया सहकारी कार्यकर्ता प्रशिक्षण का आयोजन

देवास। कृषि विज्ञान केंद्र बालगढ़ में अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में इफ्को ने सहकारी कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की पांच शाखाओं से संबद्ध 50 समिति प्रबंधकों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम दीपाली खण्डेलवाल उपायुक्त सहकारिता के मुख्य आतिथ्य एवं बाबूलाल गोठवाल इफ्को आरजीबी सदस्य की अध्यक्षता तथा पीएस पुरी सीईओ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक देवास, डॉ. ओमशरण तिवारी मुख्य प्रबंधक विपणन इफ्को भोपाल, डॉ. भार्गव वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक केवीके देवास व श्रीमती नीरज पटेल कृषि वैज्ञानिक केवीके देवास के विशेष आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में गुरु गंगादास एफपीओ की टीम ने भी भाग लिया और समिति के सदस्यों को अध्यक्ष जगपालसिंह सिकरवार ने नैनो प्रोडक्ट पर बिजनेस करने का तरीका बताया।
सुश्री खण्डेलवाल ने सहकारिता के सुदृढीकरण में व्यवसाय विविधिकरण के बारे में जानकारी दी। बताया कि इफ्को के गैर अनुदानित उत्पादों के माध्यम से समिति की आर्थिक स्थिति को मज़बूत किया जा सकता है।
श्री पुरी ने सभी समितियों को व्यवसाय का दायरा बढ़ाने हेतु निर्देशित किया। डॉ. भार्गव ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन एवं व्याधि प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी एवं प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया।
डॉ. तिवारी ने जैव उर्वरक एवं नैनो उर्वरक के महत्व को बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मृदा एवं मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। रासायनिक उर्वरकों के कुप्रभाव को कम करने के लिए कृषको को जैव उर्वरक एवं नैनो उर्वरक का उपयोग करना चाहिए। इससे खेती की लागत कम होगी एवं मृदा व मानव स्वास्थ्य बना रहेगा।
राजेश पाटीदार क्षेत्रीय प्रबंधक इफ्को ने नैनो उर्वरकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति के व्यवसाय वृद्धि में नैनो उर्वरक एवं इफ्को के विशिष्ट उत्पाद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आज के समय में कृषकों की आय बढ़ाने एवं पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए खेती में नैनो उर्वरक एवं जैव उर्वरकों का उपयोग करना अति आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन राजेश पाटीदार उपक्षेत्र प्रबंधक इफ्को ने किया।




