कलियुग में मनुष्य को भगवत् कथा ही मंगल प्रदान करती है- पूजा शर्मा

हाटपीपल्या। ग्राम देवगढ़ की राजपूत धर्मशाला में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक पूजा शर्मा पुंजापुरा ने कपिल अवतार, वराह अवतार एवं भगवान शंकर का पार्वती जी के साथ मंगल विवाह प्रसंग पर चर्चा करते हुए कहा कि इस कलियुग में मनुष्य को भगवत् कथा ही मंगल प्रदान करती है तथा श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से हृदय रोग जैसी अनेक असाध्य बीमारियों का भी इलाज हो जाता है। कथा सुनने से जगत की सारी व्यथा दूर हो जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि हिंदुओं को सिर पर तिलक अवश्य लगाना चाहिए और जो पंडित तिलक नहीं लगाते, उनका मुंह देखना भी पाप है। परिवार में एकता बनाए रखना चाहिए। जब तक पत्थर पहाड़ से जुड़ा रहता है, तब तक वह मजबूत होता है, लेकिन जब वह पहाड़ से गिर जाता है, तो गाड़ी की ओट लगाने में आता है। इसलिए यदि परिवार से अलग हो जाओंगे, तो बिखराव हो जाएगा।
भोलेनाथ ने पार्वती जी को अमर कथा सुनाई। आज कथा में भगवान शंकर और माता-पार्वती के विवाह की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान शंकर का रूप साक्षी मकवाना ने धारण किया, जबकि पार्वती का रूप स्नेहा जादौन ने धारण किया।

आरती में मुख्य यजमान तंवरसिंह जादौन, अमरसिंह जादौन एवं प्रतापसिंह जादौन ने सहपत्नी भागवत कथा की आरती की।
कथा में नगर एवं आसपास के सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया।




