स्वास्थ्य

कुपोषण के खिलाफ जंग में देवास की “किलकारी” बनी नई उम्मीद की किरण

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– मां और बच्चों के मुस्कुराते चेहरे बन रहे इस परिवर्तन के गवाह

– अमलतास अस्पताल में 168 से अधिक बच्चों को मिला उपचार

देवास। कुपोषण जैसी गंभीर समस्या के खिलाफ देवास जिले ने एक ठोस कदम बढ़ाया है। जिला प्रशासन के सहयोग से अमलतास अस्पताल में शुरू किया गया विशेष केंद्र किलकारी, अब बच्चों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुका है। यहां अब तक 168 से अधिक बच्चों को भर्ती कर संपूर्ण चिकित्सा व पोषण सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।

मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार, माता-पिता भी शामिल-
अभियान के तहत 76 अति कुपोषित बच्चों की हार्ट जांच, टीबी जांच, छाती का एक्स-रे और खून की जांच की गई। इनमें से 3 बच्चों में हार्ट की बीमारी, 3 में रक्त अल्पता जबकि 1 बच्चा जन्मजात विकृति से पीड़ित पाया गया। इन सभी का उपचार पूरी तरह नि:शुल्क किया जा रहा है।
यही नहीं, इन बच्चों के माता-पिता की भी ब्लड और यूरिन जांच कर उनका इलाज मुफ्त में किया जा रहा है, जिससे समस्या की जड़ तक जाकर समाधान किया जा सके।

विशेषज्ञों की निगरानी में पोषण आहार, बच्चों का बढ़ा वजन-
“किलकारी” केंद्र पर बच्चों को रोजाना विशेषज्ञों की निगरानी में स्वास्थ्य जांच और पोषणयुक्त आहार हर दो-दो घंटे में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। एक हफ्ते में ही अब तक 45 बच्चों का वजन बढ़ चुका है, जो इस पहल की सफलता का प्रमाण है।

टीकाकरण भी निशुल्क, संपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था-
बच्चों को समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से यहां निशुल्क टीकाकरण भी किया जा रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों की आशंका को रोका जा सके।

“किलकारी” की सफलता के पीछे सामूहिक समर्पण-
अमलतास अस्पताल के चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया ने इस अभियान के सफल संचालन पर जिला प्रशासन, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “किलकारी केवल एक अभियान नहीं, यह एक सामाजिक संकल्प है, जिसमें सभी की सहभागिता ने इसे प्रभावी बनाया है।

 

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