जिन प्लॉटों का वजूद नहीं, उनकी भी करवा दी रजिस्ट्री!

• प्लाट के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाला शातिर इंदौर जिले से गिरफ्तार
देवास। प्लॉट उपलब्ध कराने का झांसा देकर गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचने, बिना अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित करने और अस्तित्वहीन प्लॉटों की फर्जी रजिस्ट्रियां कराने जैसे गंभीर आरोपों में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में कई पीड़ितों के साथ सुनियोजित तरीके से ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में सिसौदिया बिल्डकोन प्रायवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स द्वारा साई विहार कॉलोनी पालनगर क्षेत्र में प्लाट उपलब्ध कराने का झांसा देकर अनेक गरीब एवं मध्यमवर्गीय नागरिकों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोपियों द्वारा एक ही प्लाट को कई व्यक्तियों को बेचने के अनुबंध किए गए। साथ ही नगर निगम की अनुमति एवं वैध डायवर्जन के बिना अवैध कॉलोनी विकसित कर फर्जी रजिस्ट्रियां कराई गईं। कई मामलों में ऐसे प्लाटों की रजिस्ट्री की गई जिनका वास्तविक रूप से कोई अस्तित्व ही नहीं था।
फरियादी विवेक विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर थाना औद्योगिक क्षेत्र में धारा 420 भादवि एवं धारा 292-सी नगर निगम अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के द्वारा भू-माफियाओं एवं धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीरसिंह भदौरिया के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। विशेष टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 2 वर्ष से फरार शातिर आरोपी संजय पिता रतनलाल सिसौदिया उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम खुड़ेल जिला इंदौर को जिला इंदौर से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा गया।
सराहनीय कार्य-
थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र निरीक्षक शशिकांत चौरसिया, उनि राधेश्याम वर्मा, आर नरेन्द्र सिरसाम, अर्पित श्रीवास्तव की सराहनीय भूमिका रही।




